सत्ता का दुरुपयोग करते हुए आप हमारे प्रेस प्रतिष्ठान, होटल पर छापे डलवा रही है: पंजाब केसरी समूह

सत्ता का दुरुपयोग करते हुए आप हमारे प्रेस प्रतिष्ठान, होटल पर छापे डलवा रही है: पंजाब केसरी समूह

सत्ता का दुरुपयोग करते हुए आप हमारे प्रेस प्रतिष्ठान, होटल पर छापे डलवा रही है: पंजाब केसरी समूह
Modified Date: January 17, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: January 17, 2026 10:09 pm IST

चंडीगढ़, 17 जनवरी (भाषा) पंजाब केसरी अखबार समूह ने शनिवार को आरोप लगाया कि पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) उसके और उसके प्रवर्तकों के बारे में झूठी बातें फैला रही है।

इस आरोप से कुछ दिन पहले मीडिया समूह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर दावा किया था कि उसकी खबरों के कारण कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा उसे परेशान किया जा रहा है और कई छापों के जरिये उसे निशाना बनाया जा रहा है।

अपने नये बयान में, समूह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार स्वतंत्र रिपोर्टिंग को ‘दबाने’ के लिए उसे निशाना बना रही है।

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‘पीटीआई-भाषा’ ने आम आदमी पार्टी (आप) और उसकी सरकार से प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मीडिया समूह के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा की है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पंजाब पुलिस की छापेमारी को ‘‘लोकतंत्र विरोधी’’ करार दिया और मीडियाकर्मियों से इस घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

पात्रा ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में कहा, “अरविंद केजरीवाल कभी नहीं बदल सकते। दिल्ली के शीश महल से निकलने के बाद, अब वह पंजाब के हवा महल में रह रहे हैं… केजरीवाल के इशारे पर अखबार के खिलाफ कार्रवाई की गई।”

पंजाब केसरी अखबार समूह ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा कई छापेमारी के जरिये उसे निशाना बनाया जा रहा है।

समूह ने यह भी कहा कि ये सिलसिला तब शुरू हुआ, जब उसने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विपक्ष के आरोपों पर एक ‘निष्पक्ष और संतुलित’ खबर प्रकाशित की थी।

अखबार समूह ने आरोप लगाया कि ‘‘प्रेस को डराने के मकसद’’ से निशाना बनाकर ये छापे मारे गए।

अपने बयान में पंजाब सरकार ने “लक्षित हमले” के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह दावा कई वैधानिक प्राधिकरणों द्वारा कानून के दायरे में रहकर उजागर किए गए गंभीर उल्लंघनों से ध्यान हटाने की कोशिश है।

अखबार समूह ने शनिवार को दावा किया कि पिछले साल 31 अक्टूबर के बाद से अखबार पर सरकार की निगरानी बढ़ गई है, जब समाचार पत्र ने केजरीवाल के राज्य आवास में रहने के बारे में खबरें प्रकाशित की थीं।

अखबार समूह ने कहा, ‘‘खबर सामने आने के तुरंत बाद, अगले कुछ दिनों में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग हुआ और पंजाब केसरी एवं जग बाणी अखबारों का वितरण बाधित हुआ। आपूर्ति ट्रकों को इस हद तक रोका गया कि कुछ हिस्सों में अखबार का वितरण नहीं हो सका या आपूर्ति शाम तक विलंबित हो गई।’’

समूह ने आरोप लगाया, ‘‘जब लोगों ने पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाना शुरू किया, तो अपनी ग़लतियों को छुपाने की बेताबी में, बेतुका बहाना पेश किया गया कि सरकार समाचार पत्र आपूर्ति वैन में ड्रग्स/हथियार की तस्करी की जांच कर रही थी, जबकि उसे अच्छी तरह पता था कि यह झूठ था।’’

अखबार समूह ने आरोप लगाया कि जब ये ‘हथकंडे’ कारगर साबित नहीं हुए, तो सरकार ने उस पर आर्थिक दबाव बनाना शुरू कर दिया और विज्ञापन जारी करना पूरी तरह बंद कर दिया।

इस बयान पर विजय कुमार चोपड़ा, अविनाश चोपड़ा और अमित चोपड़ा ने हस्ताक्षर किए हैं।

अखबार समूह ने कहा, ‘ग्यारह, 12, 13 और 14 जनवरी को, पूरे पंजाब में समूह के प्रेस और जालंधर के एक होटल को विभिन्न विभागों द्वारा उत्पीड़न/जांच का सामना करना पड़ा।’

समूह ने आरोप लगाया कि एक होटल में बिजली काट देना सरकार द्वारा उसे परेशान करने की एक और दमनकारी कार्रवाई है, और कहा कि प्रबंधन ने कानूनी कदम उठाए हैं।

अखबार ने दावा किया कि 15 जनवरी को जालंधर स्थित उसके प्रिंटिंग प्रेस के बंद होने पर लगभग सौ पुलिसकर्मियों को वहां भेजा गया था।

अखबार समूह ने कहा, “ताले तोड़ दिए गए और पुलिस ने दीवार फांदकर मौके पर मौजूद कुछ कर्मियों की पिटाई की। कथित तौर पर पुलिस की मौजूदगी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निरीक्षण के लिए थी।”

अखबार समूह ने कहा, “जनता देख सकती है कि निशाना प्रदूषण नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।”

समूह ने कहा कि सरकार यह झूठा विमर्श गढ़ रही है कि पंजाब केसरी शराब के कारोबार में शामिल है।

समूह ने कहा, ‘चोपड़ा परिवार ने अपने पैतृक शहर जालंधर में पार्क प्लाजा होटल का निर्माण किया है। यह होटल जालंधर में पर्यटन और रोजगार के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया था।’

शिरोमणि अकाली दल ने राज्यपाल से ‘प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले को रोकने’ के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है, जबकि भाजपा की पंजाब इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने सरकार की इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र पर सीधा हमला’ बताया है।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


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