नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा को बताया कि देश में पिछले 16 वर्षों में ‘सी-सेक्शन’ के जरिये प्रसव में चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इन वर्षों के दौरान कुल प्रसव की संख्या काफी हद तक स्थिर रही और 2008-09 से 2024-25 के बीच यह संख्या मामूली रूप से बढ़कर 1.98 करोड़ हो गई जो पहले 1.88 करोड़ थी।।
उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान ‘सी-सेक्शन’ की संख्या 12.03 लाख से बढ़कर 54.35 लाख से अधिक हो गई।
आंकड़ों से पता चलता है कि यह संख्या साल-दर-साल लगातार बढ़ रही है।
सदन में साझा किये गए आंकड़ों के अनुसार, कुल प्रसव में ‘सी-सेक्शन’ प्रसव का हिस्सा पहली बार 2012-13 में 11.47 प्रतिशत के साथ दो अंकों के पार पहुंच गया। इसके बाद, यह 2020-21 में 20 प्रतिशत के पार हो गया। 2023-24 तक, प्रत्येक चार प्रसव में से एक (25.27 प्रतिशत) ‘सी-सेक्शन’ था, जो 2024-25 में बढ़कर 27.46 प्रतिशत हो गया।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश
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