नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) दूरसंचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) का यह अनुमान कि रिलायंस जियो के साथ समझौते को लागू नहीं करने से सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है, एक अनुच्छेद की गलत व्याख्या पर आधारित था और इस गलती को अब ठीक कर दिया गया है।
कैग ने पिछले साल एक रिपोर्ट में कहा था कि सरकारी कंपनी बीएसएनएल, रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (आरजेआईएल) के साथ मास्टर सर्विस समझौते (एमएसए) को लागू करने में नाकाम रही जिससे मई 2014 से मार्च 2024 के बीच सरकारी खजाने को 1,757.76 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और उस पर जुर्माना ब्याज भी लगा।
मंत्री ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि बीएसएनएल का आरजेआईएल के साथ मास्टर सर्विस समझौता है, जिसके तहत बीएसएनएल के टावर को लीज पर लेकर उनके उपकरण लगाए जाएंगे।
पेम्मासानी ने कहा, ‘‘बीएसएनएल और सरकार को कोई राजस्व घाटा नहीं हुआ है। कैग का अनुमान ‘ऐड-ऑन टेक्नोलॉजी’ के उपबंध की गलत व्याख्या पर आधारित था, जिसे अब पारदर्शी और सही तरीके से ठीक कर दिया गया है। बीएसएनएल ने तब से आरजेआईएल से संशोधित चालान (इनवॉइस) जारी किए हैं।’’
भाषा राजेश राजेश अविनाश
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