केरल में चुनाव प्रचार थमा, आखिरी समय में सभी दलों ने झोंकी ताकत

केरल में चुनाव प्रचार थमा, आखिरी समय में सभी दलों ने झोंकी ताकत

केरल में चुनाव प्रचार थमा, आखिरी समय में सभी दलों ने झोंकी ताकत
Modified Date: April 7, 2026 / 07:27 pm IST
Published Date: April 7, 2026 7:27 pm IST

तिरुवनंतपुरम, सात अप्रैल (भाषा) केरल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान शाम छह बजे समाप्त हो गया।

प्रचार थमने से पहले, केरल के कई विधानसभा क्षेत्रों की सड़कें गुलज़ार हो गईं और अलग-अलग पार्टियों के समर्थक बड़ी संख्या में अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने निकले।

आगामी नौ अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए प्रचार खत्म होने से पहले आखिरी क्षण में ताकत दिखाने के लिए, शहर के बीचों-बीच रोड शो, रैलियां और जुलूस निकाले गए। इस दौरान पार्टियों के झंडे लहरा रहे थे, ढोल बज रहे थे, नारे लग रहे थे, और कार्यकर्ता नाच रहे थे।

कुछ जगहों पर, उम्मीदवार क्रेन पर भी चढ़ गए।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक, राज्य में कुल 2.71 करोड़ मतदाताओं में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 ट्रांसजेंडर हैं। चुनाव में 140 सीट पर 883 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।

चुनाव में मुकाबला मुख्य रूप से माकपा की अगुवाई वाले एलडीएफ, कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ और भाजपा की अगुवाई वाले राजग के बीच है।

लगभग एक महीने तक चले प्रचार अभियान के दौरान, कई बड़े नेता दिल्ली से आते रहे। इनमें राजग के उम्मीदवारों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह, यूडीएफ के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा ने प्रचार किया, जबकि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सत्ताधारी एलडीएफ के प्रचार अभियान की अगुवाई की।

इस प्रचार अभियान में जोरदार राजनीतिक हमले भी हुए।

माकपा ने 2024 के वायनाड भूस्खलन के पीड़ितों के लिए घर बनाने में देरी को लेकर कांग्रेस की आलोचना की और सवाल किया कि पुनर्वास के लिए इकट्ठा किए गए धन का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है।

जवाब में, कांग्रेस ने कई माकपा नेताओं के दलबदल की ओर इशारा किया, वाम दल के अंदर फूट का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री विजयन पर ‘तानाशाही तरीके से’ सरकार चलाने का आरोप लगाया।

भाजपा ने एलडीएफ और यूडीएफ दोनों पर हमला जारी रखा।

केरल में एलडीएफ-यूडीएफ शासन के दौरान कोई खास विकास नहीं होने का दावा करते हुए भाजपा ने खुद को एक तीसरे विकल्प के रूप में पेश किया।

भाजपा ने वादा किया कि अगर वह सत्ता में आई, तो वह शबरिमला सोना चोरी मामले की संबंधित जांच सीबीआई को सौंपेगी और एक तय समय सीमा के अंदर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उसने दो साल के अंदर राज्य में एक एम्स अस्पताल चालू करने का भी वादा किया।

भाषा वैभव दिलीप

दिलीप


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