पुराने नीट ‘स्कोरकार्ड’ डिजिलॉकर से जल्द प्राप्त कर सकेंगे अभ्यर्थी

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पुराने नीट ‘स्कोरकार्ड’ डिजिलॉकर से जल्द प्राप्त कर सकेंगे अभ्यर्थी

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 06:54 PM IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को बताया है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पिछले वर्षों के स्कोरकार्ड प्राप्त करने के लिए ‘डिजिलॉकर’ आधारित व्यवस्था तैयार करने का काम अंतिम चरण में है और इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को अपने पुराने ‘स्कोरकार्ड’ तक पहुंच खोने की चिंता नहीं रहेगी।

यह जानकारी सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत दायर एक अपील की सुनवाई के दौरान सामने आई। यह अपील नीट-स्नातक 2020 की एक अभ्यर्थी ने दायर की थी। उसने अपने स्कोरकार्ड की प्रमाणित प्रति और अपनी योग्यता की पुष्टि संबंधी दस्तावेज मांगा था ताकि वह उन्हें विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) के लिए पात्रता सत्यापन के वास्ते राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) में जमा करा सके।

एनटीए ने आयोग को बताया कि उसने इस मुद्दे की समीक्षा की है और वह ‘‘डिजिलॉकर के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे अभ्यर्थी पिछले वर्षों के स्कोरकार्ड प्राप्त कर सकें ताकि उचित सत्यापन के बाद ये स्कोरकार्ड अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए जा सकेंगे।’’

एजेंसी ने कहा कि यह काम अंतिम चरण में पहुंच रहा है और इसके जल्द पूरा होने की संभावना है।

एजेंसी ने कहा कि हालांकि, मौजूदा मामले में वह अपीलकर्ता का नीट-स्नातक 2020 का ‘स्कोरकार्ड’ उपलब्ध नहीं करा सकती क्योंकि सूचना पुस्तिका के खंड 15.6 के तहत परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड परिणाम घोषित होने के बाद केवल 90 दिन तक सुरक्षित रखे जाते हैं।

एजेंसी ने आयोग को बताया कि आरटीआई आवेदन दायर किए जाने से पहले ही संबंधित रिकॉर्ड नष्ट कर दिए गए थे।

अपीलकर्ता ने दलील दी थी कि उसकी योग्यता संबंधी स्थिति एनटीए का स्थायी रिकॉर्ड है और उसे एफएमजीई पात्रता सत्यापन के लिए इन दस्तावेजों की आवश्यकता है। उसने कहा कि सूचना देने से इनकार करना आरटीआई अधिनियम के तहत सरकारी प्राधिकरणों पर रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी का उल्लंघन है।

हालांकि, सूचना आयुक्त सुधा रानी रेलंगी ने एनटीए के पक्ष को स्वीकार करते हुए कहा कि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) केवल वही सूचना उपलब्ध करा सकता है जो कार्यालय के रिकॉर्ड में मौजूद हो और वह आरटीआई अधिनियम के तहत नयी सूचना तैयार करने के लिए बाध्य नहीं हैं।

भाषा

सिम्मी पवनेश

पवनेश