(वर्षा सागी)
नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) दक्षिण दिल्ली में सीआर पार्क थाना क्षेत्र के पॉश इलाके अलकनंदा स्थित तारा अपार्टमेंट में शुक्रवार शाम एक बुजुर्ग व्यक्ति और उनके बेटे की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड के आरोप में उसी सोसाइटी के एक निवासी को गिरफ्तार किया है।
राकेश सूद इलाके में अपनी धार्मिक और परोपकारी छवि के लिए जाने जाते थे। उनके पड़ोसियों ने बताया कि वह हर बृहस्पतिवार को गरीबों के लिए ‘भंडारा’ आयोजित करते थे, ताकि कोई भूखा न रहे।
पुलिस के अनुसार, राकेश सूद (62) और उनके बेटे करण सूद (27) पर शुक्रवार शाम करीब छह बजे अपार्टमेंट परिसर के भीतर ही धारदार हथियार से हमला किया गया। हमले में उनका एक रिश्तेदार राहुल भी घायल हुआ है, जिसका साकेत के एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है। अस्पताल पहुंचने पर राकेश और करण को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान असद सिद्दीकी के रूप में हुई है, जो उसी सोसाइटी में रहता है।
राकेश के एक मित्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘परिवार ने एक ही रात में पिता और इकलौते बेटे को खो दिया। घर में अब ऐसा सन्नाटा है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।’
परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों के लिए इस क्षति को स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है।
पुलिस को घटना की सूचना शुक्रवार रात करीब 9:20 बजे अस्पताल से मिली। पुलिस को संदेह है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे पैसों के लेन-देन से जुड़ा पुराना विवाद हो सकता है।
एक पड़ोसी ने कहा, ‘‘राकेश जी बहुत धार्मिक व्यक्ति थे। वह हर बृहस्पतिवार को अपने घर के बाहर ‘भंडारा’ आयोजित करते थे। वह खुद वहां खड़े होकर लोगों को खाना परोसते थे। जो हुआ है, उसे स्वीकार करना मुश्किल है।’’
राकेश के एक सहकर्मी ने कहा, ‘‘यदि कोई उनसे मदद मांगता था तो वह कभी मना नहीं करते थे। चाहे वह आर्थिक सहायता हो या किसी अन्य प्रकार का सहयोग, वह हमेशा मदद करते थे।’’
राकेश के एक सहयोगी ने कहा, ‘‘राकेश पिछले 40 वर्षों से प्रॉपर्टी के कारोबार में थे। करण दो-तीन साल पहले ही अपने पिता के काम में हाथ बंटा रहा था। वह अपने पिता से सिर्फ व्यापार के तरीके ही नहीं, बल्कि लोगों के साथ कैसे व्यवहार करना है यह भी सीख रहा था।’’
एक अन्य सहयोगी ने कहा, ‘‘करण बहुत ही मृदुभाषी एवं मिलनसार व्यक्ति था। उसे देखकर साफ पता चलता था कि वह अपने पिता के नक्शेकदम पर चल रहा है।’’
इसी बीच, आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘तारा अपार्टमेंट, अलकनंदा को दक्षिण दिल्ली की सबसे सुरक्षित कॉलोनी माना जाता था। सुषमा स्वराज और कई सांसद वर्षों तक वहां रहे थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दोहरे हत्याकांड से दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था के बारे में बहुत कुछ पता चलता है।’’
भाषा प्रचेता सुरेश
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