नई दिल्लीः Vande Bharat: कल जब संसद में महिला आरक्षण बिल गिरा, तो उसकी गूंज आज प्रधानमंत्री के संबोधन में सुनाई दी। रात 8:30 बजे देश के सामने आए प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि मैं देश की सभी माताओं और बहनों से माफी मांगता हूं कि हम महिला आरक्षण पास नहीं करा पाए। मेरे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ आज नारी शक्ति पर भारी पड़ गया।
Vande Bharat: प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, DMK और सपा जैसे दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों महिलाओं की नजरें संसद की ओर उम्मीद से देख रही थीं, तब विपक्ष नारी के अधिकारों को छीनने का जश्न मना रहा था। पीएम मोदी ने विपक्ष के व्यवहार को ‘नारी के स्वाभिमान पर चोट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर जो मेज थपथपाई जा रही थी, वो दरअसल देश की महिलाओं के अपमान की थाप थी। पीएम ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती।
प्रधानमंत्री का ये संबोधन साफ संकेत दे रहा है कि अब ये मुद्दा संसद की दहलीज से निकलकर जनता की अदालत में पहुंच चुका है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का गिरना अब आने वाले चुनावों में एक बड़ा सियासी हथियार बनने जा रहा है।