सीएक्यूएम ने उद्योगों के लिए संशोधित पीएम उत्सर्जन मानकों को लागू करने की समयसीमा बढ़ाई

सीएक्यूएम ने उद्योगों के लिए संशोधित पीएम उत्सर्जन मानकों को लागू करने की समयसीमा बढ़ाई

सीएक्यूएम ने उद्योगों के लिए संशोधित पीएम उत्सर्जन मानकों को लागू करने की समयसीमा बढ़ाई
Modified Date: July 31, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: July 31, 2026 8:20 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में संचालित उद्योगों के लिए संशोधित पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) उत्सर्जन मानकों को लागू करने की समयसीमा बढ़ा दी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यह संशोधन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की सिफारिशों और उद्योगों व औद्योगिक संगठनों से मिले सुझावों पर विचार करने के बाद जारी किया गया है।

इन सुझावों में संशोधित उत्सर्जन मानकों के पालन की मौजूदा स्थिति का भी उल्लेख किया गया था।

आयोग ने फरवरी में एक अधिसूचना जारी कर दिल्ली-एनसीआर के चिन्हित उद्योगों के लिए पीएम उत्सर्जन की एक समान और सख्त सीमा 50 मिलीग्राम प्रति मानक घन मीटर तय की थी।

यह मानक बोर्ड की तकनीकी सिफारिशों और आईआईटी कानपुर द्वारा किए गए अध्ययनों के आधार पर निर्धारित किया गया था।

नयी समयसीमा के अनुसार, 50 मिलीग्राम प्रति मानक घन मीटर का संशोधित पीएम उत्सर्जन मानक अब एक अक्टूबर से सभी उद्योगों पर लागू होगा।

आयोग ने एक बयान में बताया, “संशोधित पीएम उत्सर्जन मानक तकनीकी रूप से अब भी हासिल किया जा सकता है और औद्योगिक उत्सर्जन कम करने तथा क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए यह पर्यावरणीय दृष्टि से आवश्यक है।”

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष


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