भुवनेश्वर/नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) ने मंगलवार को कहा कि वह ओडिशा के क्योंझर जिले में अपनी एक शाखा से अपनी दिवंगत बहन के खाते से पैसा निकालने के एक आदिवासी व्यक्ति के दावे का समाधान स्थानीय अधिकारियों द्वारा मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करते ही प्राथमिकता के आधार पर करेगा।
आईओबी के इस बयान से एक दिन पहले स्तब्ध करने वाला घटनाक्रम सामने आया जिसमें एक व्यक्ति अपनी दिवंगत बहन के खाते से पैसा निकालने के लिए उसके कंकाल को ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा में पहुंचा।
ओडिशा ग्रामीण बैंक का संचालन इंडियन ओवरसीज बैंक के अधीन होता है।
सोमवार की इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। ओडिशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने बैंक पर मानवीय रुख नहीं रखने का आरोप लगाया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
व्यक्ति की पहचान डियानाली गांव के जीतू मुंडा (50) के रूप में हुई है। उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा (56) की मृत्यु 26 जनवरी 2026 को हुई थी और वह बहन के बैंक खाते से 20,000 रुपये निकालना चाहता था।
निरक्षर जीतू मुंडा ने पत्रकारों को बताया, ‘‘मैं कई बार बैंक गया और वहां के लोगों ने मुझे खाताधारक को लाने के लिए कहा ताकि उसके नाम पर जमा धन निकाला जा सके। हालांकि मैंने उन्हें बताया कि उसकी मृत्यु हो चुकी है फिर भी उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और उसे बैंक लाने पर अड़े रहे। ’’
कंकाल देखकर सहम गए बैंक अधिकारियों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित किया।
इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) ने एक विस्तृत बयान में कहा कि दावा निपटान प्रक्रिया को लेकर जागरुकता की कमी और शाखा प्रबंधक द्वारा बताई गई प्रक्रिया को समझने में व्यक्ति की अनिच्छा की वजह से घटना घटी लगती है।
आईओबी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बैंक का मकसद खाते में जमा गरीब आदिवासी महिलाओं के पैसों के हितों की रक्षा करना था। इसमें किसी भी तरह की उत्पीड़न की कोई बात नहीं है। बैंक, मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में भी है। मृत्यु प्रमाण पत्र जमा होते ही, दावे का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर कर दिया जाएगा।’’
उसने कहा कि बैंक अधिकारियों ने पैसा निकालने के लिए मृतक के मौजूद रहने की मांग नहीं की थी, जैसा कि कुछ खबरों में दावा किया जा रहा है।
बयान के अनुसार शाखा प्रबंधक ने स्पष्ट कहा था कि मृत्यु होने पर मृत्यु प्रमाणपत्र समेत कोई वैध दस्तावेज जमा करने पर ही दावे का निपटारा किया जा सकता है।
भाषा वैभव पवनेश
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