नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने महाराष्ट्र की एक पत्थर खनन कंपनी से जुड़े जीएसटी और रॉयल्टी मामले को निपटाने के लिए कथित तौर पर 40 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में फरार आईआरएस अधिकारी विनय कुमार कांठेती को उत्तराखंड के ऋषिकेश से हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई ने बताया कि 27 अगस्त को जाल बिछाकर की गई कार्रवाई में ‘‘कस्टम्स हाउस’’ एजेंट नरेंद्र राजपूत को सीजीएसटी के अधीक्षक राकेश कुमार सिन्हा और कांठेती की ओर से कथित तौर पर 40 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने 2009 बैच के आईआरएस अधिकारी कांठेती को भी गिरफ्तार किया था। वह महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में सीजीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त के पद पर तैनात थे। सिन्हा और कांठेती समेत तीनों को ठाणे की अदालत में पेश किया गया था जहां अदालत ने सीबीआई की हिरासत की मांग खारिज कर दी थी।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने सोमवार को एक बयान में कहा, ‘सीबीआई ने मुंबई उच्च न्यायालय में आपराधिक पुनरीक्षण आवेदन के जरिए उस आदेश को चुनौती दी। 16 सितंबर के आदेश के ज़रिए, अदालत ने सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका को मंज़ूरी दे दी, विशेष अदालत के आदेश को रद्द कर दिया और आरोपियों को दो दिन की हिरासत में भेज दिया।’
बयान में कहा गया है कि उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी में किसी भी तरह की कमी को खारिज करते हुए पाया कि गिरफ्तारी के आधार आरोपी को लिखित रूप में बताए गए थे और परिवार के सदस्यों और वकीलों को भी सूचित किया गया था।
अदालत के आदेश के बाद, सीबीआई ने आरोपी अधीक्षक और नरेंद्र को दो दिन के लिए हिरासत में लिया और बाद में संबंधित अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘आरोपी अतिरिक्त आयुक्त उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने के बदले फरार हो गया। बाद में उसे ऋषिकेश से पकड़ लिया गया और सीबीआई ने हिरासत में ले लिया।’
भाषा
राखी अविनाश
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