शिमला, 21 सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ के तहत विधवाओं और एकल महिलाओं के पात्र बच्चों को हर महीने 1,000 रुपये जेब खर्च देने का प्रावधान अब 19 से 27 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए भी लागू किया जाएगा।
वर्तमान में, यह सहायता केवल 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को ही दी जाती है।
इस प्रमुख योजना के तहत सुक्खू सरकार विधवा, एकल और निराश्रित महिलाओं के पात्र बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता प्रदान करती है।
सुक्खू ने यहां महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत राज्य सरकार वर्तमान में 21,292 लाभार्थियों को सहायता प्रदान कर रही है, जिसके लिए चालू वित्त वर्ष में 40.29 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। योजना के तहत, राज्य सरकार विधवाओं और एकल महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च उठाती है।’
बैठक में उन्होंने विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों से सभी विभागीय योजनाओं के लिए एक एकीकृत पोर्टल विकसित करने को कहा, ताकि पात्र व्यक्तियों को बिना किसी परेशानी के लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।’
भाषा प्रचेता दिलीप
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