नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुग्राम की एक आवासीय परियोजना से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के मामले में रियल एस्टेट कंपनी निनेक्स डेवलपर्स लिमिटेड और उसके निदेशक के खिलाफ एक आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
यह बिल्डर-बैंकर गठजोड़ से जुड़े मामलों में सीबीआई द्वारा दाखिल 11वीं रिपोर्ट है, जिनमें भ्रामक वादों के जरिए हजारों घर खरीदारों के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई।
सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में कहा है कि कंपनी के निदेशक ने कथित तौर पर झूठे आश्वासनों और भ्रामक प्रस्तुतियों के जरिए घर खरीदारों और निवेशकों को राजी किया तथा उनकी कीमत पर वित्तीय लाभ अर्जित किया।
बिल्डर-वित्तीय संस्थान गठजोड़ से जुड़े इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई को सौंपी गई थी। शीर्ष अदालत ने 29 अप्रैल, 2025 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के बिल्डर के खिलाफ सात प्रारंभिक जांच दर्ज करने का निर्देश दिया था।
बाद में शीर्ष अदालत ने उन मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था, जिनमें ‘सबवेंशन योजना’ के जरिए घर खरीदारों को कथित तौर पर ठगा गया था।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, “उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 50 मामलों की जांच वर्तमान में की जा रही है। ये मामले घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग से संबंधित हैं।”
बयान के अनुसार, सीबीआई इससे पहले रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड तथा उनके निदेशकों तथा कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
भाषा अमित माधव
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