चेन्नई/तिरुचिरापल्ली, 16 सितंबर (भाषा) सीसीबी के अधिकारियों ने बुधवार को निजी स्कूलों को मंजूरी देने से जुड़े 100 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और द्रमुक नेता अंबिल महेश पोय्यामोझी के चेन्नई और तिरुचिरापल्ली स्थित आवास और परिसरों पर एक साथ तलाशी ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।
तलाशी छह स्थानों पर ली गई, जिनमें से चार परिसर पूर्व मंत्री से जुड़े हैं और दो परिसर उनके सहयोगी वलादी कार्तिक से संबंधित हैं।
सीसीबी की लगभग आठ घंटे की तलाशी के बाद पोय्यामोझी ने तिरुचिरापल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें ‘‘न तो कोई अपराधबोध है और न ही कोई डर।’’
द्रमुक नेता ने कहा कि 20 से अधिक अधिकारियों की एक टीम ने उनके आवास पर सुबह 7:40 बजे से दोपहर 3:40 बजे तक तलाशी ली। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई एक यूट्यूबर द्वारा बार-बार लगाए गए आरोपों के बाद की गई।
पोय्यामोझी ने दावा किया कि व्यापक तलाशी के दौरान पुलिस को उनके मंत्री कार्यकाल से जुड़ी केवल सामान्य फाइलें मिलीं, जिन्हें वे अपने साथ ले गए। इनमें 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणाम, उपलब्धियों और जिलेवार शिक्षा विभाग की समीक्षा से जुड़े दस्तावेज शामिल थे।
हालांकि, सीसीबी ने कहा कि चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में पूर्व मंत्री से जुड़े नौ ठिकानों पर व्यापक तलाशी के दौरान संपत्ति संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
सीसीबी ने छापेमारी के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अधिकारियों ने मामले से जुड़े 118 दस्तावेज, संपत्ति के कागजात, चेक और बैंक संबंधी विवरण के अलावा 18 मोबाइल फोन, आठ पेन ड्राइव, तीन लैपटॉप, दो डेस्कटॉप, एक टैबलेट और एक आईपैड जब्त किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री को 18 सितंबर को सीसीबी कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
भाषा
प्रचेता पारुल
पारुल