‘वीबी-जी राम जी’ योजना की खामियों को दूर करे केंद्र सरकार: अशोक गहलोत

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'वीबी-जी राम जी' योजना की खामियों को दूर करे केंद्र सरकार: अशोक गहलोत

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  • Publish Date - August 10, 2026 / 05:39 PM IST,
    Updated On - August 10, 2026 / 05:39 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

जयपुर, 10 अगस्त (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण गारंटी (वीबी-जी रामजी) योजना की खामियों को दूर करने की मांग की है ताकि गांवों में बेरोजगारी से स्थिति खराब न हो।

गहलोत का कहना है कि यह योजना कार्यान्वयन के पहले ही महीने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

उन्होंने सोमवार को एक बयान में कहा, ‘‘एक जुलाई से मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) की जगह ले चुकी वीबी-जी रामजी योजना अपने पहले ही महीने में बुरी तरह फेल साबित हुई है।’’

गहलोत ने एक खबर के हवाले से दावा किया कि इस योजना के तहत जुलाई 2026 में सिर्फ 7.67 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित हुआ, जबकि पिछले साल इसी महीने मनरेगा के तहत 15.33 करोड़ मानव दिवस रोजगार मिला था यानी करीब 50 प्रतिशत की भारी गिरावट हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति खर्च भी 4,494 रुपए से घटकर 4,199 रुपए रह गया है जबकि इस बार बारिश की कमी के कारण अधिक मानव दिवस होने चाहिए थे।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता के अनुसार यह वही योजना है जिसे लेकर कांग्रेस ने पहले ही चेताया था कि वित्तपोषण अनुपात 90:10 से घटाकर 60:40 करना, मांग आधारित मॉडल को आपूर्ति आधारित बनाना और काम के कानूनी अधिकार को खत्म करना गरीब मजदूरों के लिए विनाशकारी साबित होगा।

गहलोत ने कहा, ‘‘आज आंकड़े खुद इस आशंका को सही साबित कर रहे हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिन परिवारों की आजीविका मनरेगा पर टिकी थी, वे आज रोजगार से वंचित हो रहे हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और विकट होने वाली है।

गहलोत ने कहा, ‘‘केन्द्र सरकार तुरंत इस योजना की खामियों को दूर कर ग्रामीण रोजगार सुनिश्चित करे जिससे गांव में बेरोजगारी से स्थिति खराब न हो।’’

भाषा पृथ्वी राजकुमार

राजकुमार