केंद्र ने 1,592 सहायक अनुभाग अधिकारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी

केंद्र ने 1,592 सहायक अनुभाग अधिकारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी

केंद्र ने 1,592 सहायक अनुभाग अधिकारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी
Modified Date: June 27, 2023 / 08:19 pm IST
Published Date: June 27, 2023 8:19 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र ने तत्काल प्रभाव से 1,592 सहायक अनुभाग अधिकारियों (एएसओ) की अनुभाग अधिकारी के पद पर पदोन्नति को मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि पदोन्नति आदेश संबंधित कैडर नियंत्रण प्राधिकारों द्वारा जल्द जारी किये जायेंगे। कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘सरकार कर्मचारियों को प्रेरित करने और लंबे समय तक एक ही पद पर ठहराव की समस्या को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर पदोन्नति दे रही है। इसके अलावा, एएसओ और अन्य ग्रेड में 2,000 पदोन्नतियां प्रक्रिया में हैं और उम्मीद है कि इस साल के अंत तक उन्हें पदोन्नत कर दिया जाएगा।’’

यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) अधिकारियों के संगठन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर अनुभाग अधिकारियों के ग्रेड में एएसओ की पदोन्नति सुनिश्चित करने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की थी।

सिंह ने कहा, ‘‘कार्मिक मंत्रालय के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने तत्काल प्रभाव से तदर्थ रूप से अनुभाग अधिकारियों के पद पर कार्यरत 1,592 एएसओ की पदोन्नति को मंजूरी दे दी है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में सरकार ने विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों में लंबे समय से एक ही पद पर ठहराव के मुद्दों की समय-समय पर समीक्षा की है, जो लंबित अदालती मामलों, उच्च ग्रेड में रिक्तियों की कमी और अन्य कार्मिक मुद्दों के कारण अतीत की विरासत हैं। मंत्री ने कहा कि पिछले साल भी लगभग 9,000 पदोन्नतियां की गईं और इससे पहले, डीओपीटी ने पिछले तीन वर्षों में 4,000 पदोन्नतियां दी थीं।

सिंह ने कहा कि वह ऐसे मामलों को देखकर व्यक्तिगत रूप से परेशान हैं, जहां प्रशासन के सबसे निचले स्तर पर काम करने वाले कुछ कर्मचारी एक भी पदोन्नति हासिल किए बिना 30 से 35 साल का अपना पूरा सेवा कार्यकाल बिता देते हैं।

मंत्री ने कहा कि उन्होंने कार्मिक मंत्रालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है और प्रशासन के मध्य और निचले स्तर पर पदोन्नति में ठहराव से बचने के लिए कई नवीन साधन विकसित किए गए हैं।

कार्मिक मंत्रालय के बयान के मुताबिक सिंह ने अफसोस जताया कि बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं जहां पदोन्नति में रुकावट कर्मचारियों के बीच मुकदमेबाजी का परिणाम थी और भले ही डीओपीटी अदालत में अपना दृष्टिकोण रखने की पूरी कोशिश करता है, लेकिन अपरिहार्य कारण से देरी हो जाती है।

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश


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