केंद्र ने 208 और कार्बन-गहन उद्योगों के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन गहनता लक्ष्य अधिसूचित किए
केंद्र ने 208 और कार्बन-गहन उद्योगों के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन गहनता लक्ष्य अधिसूचित किए
नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) सरकार ने कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (सीसीटीएस) के तहत अतिरिक्त कार्बन-गहन क्षेत्रों के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन तीव्रता (जीईआई) लक्ष्य अधिसूचित कर दिए हैं। पर्यावरण मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
इस साल 13 जनवरी को जारी अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोलियम शोधन संयंत्र, पेट्रोकेमिकल्स, वस्त्र उद्योग और द्वितीयक एल्युमीनियम को भारतीय कार्बन बाजार (आईसीएम) के अनुपालन तंत्र के तहत लाया गया है।
मंत्रालय के मुताबिक, इन क्षेत्रों में कुल 208 बाध्य संस्थाओं को अब निर्दिष्ट उत्सर्जन तीव्रता में कमी के लक्ष्यों को पूरा करना होगा।
इस विस्तार के साथ, आईसीएम का अनुपालन तंत्र अब भारत के सबसे अधिक उत्सर्जन-गहन उद्योगों में 490 बाध्य संस्थाओं को कवर करता है। केंद्र सरकार ने सबसे पहले अक्टूबर 2025 में एल्युमीनियम, सीमेंट, क्लोर-अल्कली और पल्प एंड पेपर क्षेत्रों के लिए जीईआई लक्ष्य अधिसूचित किए थे, जिनमें 282 बाध्य संस्थाएं शामिल थीं।
सरकार द्वारा 2023 में अधिसूचित सीसीटीएस,आईसीएम के कामकाज के लिए एक समग्र ढांचा प्रदान करता है। सीसीटीएस का मकसद कार्बन क्रेडिट प्रमाणपत्र व्यापार तंत्र के ज़रिए उत्सर्जन का मूल्य निर्धारण करके भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना या उससे बचना है।
भाषा
नोमान माधव
माधव

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