इंफाल, दो सितंबर (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने बुधवार को कहा कि केंद्र ने लोगों की इच्छा के अनुरूप राज्य में जनगणना कराने का काम टाल दिया है।
सिंह ने मौजूदा मणिपुर विधानसभा के आठवें सत्र के पहले दिन सदन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा, ‘‘अगस्त 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने एक प्रस्ताव पेश किया था कि मणिपुर में एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) लागू किया जाना चाहिए। इसके बाद 2023 में इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र भेजा गया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘2024 में विधानसभा के सत्र के दौरान भी इस प्रस्ताव की फिर से पुष्टि की गई और इसे गृह मंत्रालय को भेजा गया। राष्ट्रपति शासन लागू होने और नयी सरकार के गठन के बाद इस अगस्त में राज्य के गृह विभाग ने दो दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि जनगणना से पहले एनआरसी कराया जाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन घटनाक्रमों और लोगों की शिकायतों के बारे में जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं ने राज्य में जनगणना की प्रक्रिया को टाल दिया।
सिंह ने कहा कि यह फैसला लोगों की इच्छा के अनुरूप लिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक यह सवाल है कि इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, तो मैं और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला व्यक्तिगत रूप से दिल्ली में शाह की अध्यक्षता में हुई उस बैठक में शामिल हुए थे, जिसमें यह फैसला लिया गया था।’’
मुख्यमंत्री सचिवालय ने 31 अगस्त को कहा था कि नयी दिल्ली में शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद राज्य में जनगणना की प्रक्रिया टाल दी गई है।
राज्य में जनगणना कराने से पहले एनआरसी को अद्यतन करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।
भाषा गोला मनीषा
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