सुभाषचंद्र बोस की ‘अस्थियां’ तोक्यो से लाने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र से जवाब तलब

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सुभाषचंद्र बोस की ‘अस्थियां’ तोक्यो से लाने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र से जवाब तलब

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 05:36 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 05:36 PM IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी की उस याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया, जिसमें तोक्यो के रेंकोजी मंदिर से उनकी (बोस) “अस्थियों” को वापस लाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने बोस की बेटी अनीता बी फाफ की याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र को नोटिस जारी किया।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि उनकी मुवक्किल ने “लगातार और सार्वजनिक रूप से मांग की है कि उनके पिता के पार्थिव अवशेषों को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए भारत वापस लाया जाए।”

अगस्त 1945 में बोस के गायब होने को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं। कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उनके अवशेष तोक्यो के रेंकोजी मंदिर में सुरक्षित रखे गए हैं।

शीर्ष अदालत ने इस साल मार्च में बोस के पड़पोते की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था, जिसमें रेंकोजी मंदिर में रखी गई नेताजी की “अस्थियों” को भारत लाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

न्यायालय ने कहा था, “उनकी वारिस (बोस की बेटी) हमारे सामने नहीं हैं। अगर वह चाहती हैं कि अस्थियों को भारत लाया जाए, तो उन्हें पीठ के सामने आना होगा।”

उसने कहा था, “हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उनकी भावनाओं को कानूनी कार्रवाई का रूप दिया जाए। लेकिन उन्हें आगे आना होगा।”

शीर्ष अदालत के याचिका पर सुनवाई करने से मना करने के बाद याचिकाकर्ता आशीष रे की ओर से पेश वकील ने उसे वापस लेने का अनुरोध किया था। न्यायालय ने रे को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी थी।

भाषा पारुल नरेश

नरेश