केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए : गहलोत

केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए : गहलोत

केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए : गहलोत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:28 pm IST
Published Date: March 5, 2021 7:33 pm IST

जयपुर, पांच मार्च (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए वरना लोगों में असंतोष पैदा होगा जो देश हित में नहीं है।

गहलोत ने कांग्रेस द्वारा चलाई गई ‘‘स्पीक अप अगेंस्ट प्राइस राइज मुहिम’’ में युवाओं के हिस्सा लेने की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘कम्पेन (अभियान) आज दिनभर बहुत शानदार चला, लाखों नौजवानों ने इसमें भाग लिया।’’

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरने के बावजूद देश में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता का जीवन मुश्किल कर दिया है। परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई भी बढ़ती जा रही है। कम होती आमदनी, जाती हुई नौकरियां और डूबती अर्थव्यवस्था के दौर में लोग जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

गहलोत ने कहा, ‘‘लेकिन बहुत दुख की बात है कि सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी नीत सरकार को ईंधन की कीमतें कम करनी चाहिए।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आम आदमी को फायदा देकर उसकी क्रय शक्ति को बढाया जाये तो देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हो सकता है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते लोगों की नौकरियां चली गई है और व्यवसाय बंद हो गये हैं और ऐसी स्थिति में ईंधन की कीमतों में वृद्धि से खाद्य पदार्थो और सब्जियों के दामों में बढोत्तरी होगी और महंगाई बढेगी।

उन्होंने कहा कि केन्द्र ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की जिसका सभी ने स्वागत किया, लेकिन बाद में यह पता चला कि पैसा ना तो राज्यों को मिला और नाहीं उद्योगों और व्यासायों को।

उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों पर मिलने वाली राहत भी रोक दी गई है, हालांकि शायद इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

राजस्थान सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने के लिये वैट में दो प्रतिशत की कमी की जिससे राज्य को 1000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ लेकिन ईंधन की कीमत लगातार बढ रही हैं।

भाषा कुंज अर्पणा

अर्पणा


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