केन्द्र के कृषि कानून अडानी जैसे कुछ व्यवसायियों की मदद करने के लिए हैं: ममता

केन्द्र के कृषि कानून अडानी जैसे कुछ व्यवसायियों की मदद करने के लिए हैं: ममता

केन्द्र के कृषि कानून अडानी जैसे कुछ व्यवसायियों की मदद करने के लिए हैं: ममता
Modified Date: November 29, 2022 / 08:07 pm IST
Published Date: February 9, 2021 1:12 pm IST

बर्दवान, नौ फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केन्द्र के कृषि कानून अडानी जैसे कुछ व्यवसायियों की मदद करने के लिए हैं, जो उनके ‘‘मित्र’’ हैं।

उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा ‘‘ये व्यवसायी भाजपा के पूंजीपति मित्र हैं और तीन कृषि कानूनों के लागू होने के बाद, वे किसानों से जबरन फसल खरीदने की कोशिश करेंगे।’’

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख बनर्जी ने किसानों को भयभीत नहीं होने के लिए कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह किसी को भी उनका शोषण नहीं करने देंगी।

उन्होंने यहां ‘माटी उत्सव’ का उद्धाटन करते हुए कहा, ‘‘भाजपा के पास कुछ मित्र हैं जैसे कि अडानी बाबा, जो करोड़पति, जमींदार और पूंजीपति हैं। वे बड़े भाजपा पूंजीपति हैं, जो किसानों से जबरन फसल खरीदेंगे और उन्हें दिल्ली में पहले से निर्मित बड़े गोदामों में संग्रहीत करेंगे। और जब लोगों को फसलों की ज़रूरत होगी। उन्हें नहीं देंगे।’’

बनर्जी ने कहा, ‘‘यही कारण है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब के किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।’’

उन्होंने किसानों को उनका और उनकी पार्टी के समर्थन का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने चार से पांच बार उनसे (किसानों) फोन पर बात की है। मैंने अपने प्रतिनिधियों को वहां (विरोध स्थलों पर) उनसे बात करने के लिए भी भेजा था। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि जब तक हम जीवित हैं, हम किसानों पर किसी भी प्रकार का अत्याचार नहीं होने देंगे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं किसानों से सीधे फसल खरीदना चाहती हूं। चिंता मत करो, आप (किसान) राष्ट्र के गौरव हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र पश्चिम बंगाल में किसानों से उचित मात्रा में धान नहीं खरीद रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पश्चिम बंगाल के किसानों से केवल 76,000 टन धान खरीदा है, हालांकि उन्होंने 2.5 करोड़ टन फसल का उत्पादन किया है।

भाषा देवेंद्र उमा

उमा


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