केंद्र की ‘छात्र-विरोधी नीतियों’ से युवाओं का भविष्य खतरे में: रोजी जॉन

केंद्र की 'छात्र-विरोधी नीतियों' से युवाओं का भविष्य खतरे में: रोजी जॉन

केंद्र की ‘छात्र-विरोधी नीतियों’ से युवाओं का भविष्य खतरे में: रोजी जॉन
Modified Date: September 12, 2026 / 12:29 pm IST
Published Date: September 12, 2026 12:29 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 12 सितंबर (भाषा) केरलम के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र की ‘छात्र-विरोधी नीतियों’ के कारण देश में छात्रों और युवाओं का भविष्य तथा उनके सपने गंभीर खतरे में हैं।

मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं और चरमराते बुनियादी ढांचे के कारण देश के करोड़ों छात्र और युवा निराश हो रहे हैं।

जॉन ने कहा,‘‘इस महत्वपूर्ण मोड़ पर राहुल गांधी द्वारा उठाई जा रही आवाज देश की युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती है।’’

उन्होंने कहा कि देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की आवाज सुनकर काम करना चाहिए।

मंत्री ने कहा, ‘‘किसी भी समस्या का समाधान उन लोगों की बात सुनकर निकाला जाना चाहिए जो उससे प्रभावित हैं।’’

जॉन ने छात्रों, शिक्षकों और आम लोगों से राहुल गांधी के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा क्षेत्र की विफलताओं और कमियों को सामने लाना तथा शिक्षा के लिए एक नई दृष्टि तैयार करना है।

उन्होंने कहा, ‘‘आइए, मिलकर बदलाव लाएं।’’

भाषा

शुभम धीरज

धीरज


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