कोविड-19 पर रणनीति में किया बदलाव, संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान, जांच में तेजी :जैन
कोविड-19 पर रणनीति में किया बदलाव, संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान, जांच में तेजी :जैन
नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बृहस्पतिवार को कहा कि आम आदमी पार्टी नीत सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए अपनी रणनीति बदली है और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का तेज से पता लगा रहे है और उनकी जांच कर रहे हैं। उन्होंने पिछले कुछ दिनों में शहर में मामले में वृद्धि का इसे एक कारण बताया।
जैन ने कहा कि कोविड-19 के नये मामले तेजी से बढ़ने को लेकर इसे संक्रमण के प्रसार की ‘‘तीसरी लहर’’ कहना अभी जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि यह ‘‘‘तीसरी लहर‘‘ हो भी सकती है, लेकिन किसी भी प्रचलन को देखने के लिए एक हफ्ते का इंतजार नहीं करना चाहिए।
त्योहारों के मौसम और बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली में बुधवार को पहली बार कोविड-19 के सर्वाधिक 5,600 से अधिक मामले सामने आए थे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जैन ने नई रणनीति को वायरस को रोकने के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ रणनीति’ बताया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार संक्रमित व्यक्ति के पूरे परिवार और उनके संपर्क में आए लोगों की तेजी से पता लगाकर उनकी जांच कर रही है।
मंत्री ने कहा, ‘हम उनकी चार-पांच दिन के अंतराल पर दो बार जांच कर रहे हैं। हम नहीं चाहते हैं कि कोई भी संक्रमित मामला छुटे… हमने अपनी रणनीति बदली है, इसलिए मामले बढ़े हैं। मुझे यकीन है कि यह रणनीति कामयाब होगी। ‘
पूछा गया कि क्या सरकार संक्रमित पाए गए व्यक्ति के परिवार के सदस्यों की पहले जांच नहीं करती थी, तो जैन ने कहा कि अधिकारी सिर्फ उन लोगों की जांच करते थे जिनमें कोरोना वायरस जैसे लक्षण होते थे।
जैन ने कहा, ‘ हमारा सारा ध्यान इस पर है कि (कोविड-19) का कोई भी मामला जांच से नहीं छुटे। आप मामलों में बढ़ोतरी देख सकते हैं, लेकिन यह अच्छी रणनीति है और इसके परिणाम जल्दी दिखने चाहिए। ‘
विशेषज्ञों द्वारा एक दिन में 15,000 मामले सामने आने का अनुमान लगाए जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ दैनिक कोविड-19 मामलों में वृद्धि को देखते हुए विशेषज्ञों ने यह अनुमान लगाया है, लेकिन मामले उस स्तर तक नहीं पहुंचेंगे। हालांकि, हम पूरी तरह तैयार रहना चाहते हैं।’’
जैन ने कहा कि बुधवार के बुलेटिन के मुताबिक, कोविड-19 अस्पतालों में 5665 बिस्तरों पर मरीज भर्ती थे जबकि 10,100 खाली थे।
मंत्री ने बताया कि आरटी-पीसीआर परीक्षण की संख्या भी राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ी है।
अधिकारियों ने मामलों में बढ़ोतरी के लिए त्योहारी मौसम, सर्दी, आरटी-पीसीआर जांच में वृद्धि और कोरोना वायरस रोधी उपायों के बाद लोगों में आत्मसंतोष को जिम्मेदार बताया है।
जैन ने कहा कि दिल्ली में कोविड-19 के कारण मौत की स्थिति अभी ठीक है।
बुधवार के बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली में संक्रमण के कारण 40 लोगों की मौत हुई थी जबकि मंगलवार को 44, सोमवार को 54 और रविवार को 33 मौतें हुई थीं।
जैन ने कहा कि हम प्रतिदिन की मौत का आंकड़ा नहीं देखते हैं। हम 10 दिनों में औसतन मौत का आंकड़ा देखते हैं जिसकी मृत्यु दर 0.99 प्रतिशत है और कुल मृत्यु दर 1.73 प्रतिशत है।
भाषा
नोमान उमा
उमा

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