चन्नी की ‘‘नाराजगी’’ से कांग्रेस में अंतर्कलह उजागर हुई: भाजपा

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चन्नी की ‘‘नाराजगी’’ से कांग्रेस में अंतर्कलह उजागर हुई: भाजपा

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 04:15 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 04:15 PM IST

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को दावा किया कि पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस में हुए संगठनात्मक फेरबदल को लेकर पार्टी नेता चरणजीत सिंह चन्नी की कथित नाराजगी से कांग्रेस में नयी दरारें उभर आई हैं।

भाजपा के इस बयान से एक दिन पहले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने संगठन में फेरबदल के दौरान कोई जिम्मेदारी नहीं मिलने के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि काश उनके पास ‘‘व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षा’’ का कोई इलाज होता।

तिवारी ने मीडिया में आई एक खबर साझा की, जिसमें कहा गया था कि पंजाब में कांग्रेस ने नए कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए और चुनाव समितियों का गठन किया, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।

कांग्रेस ने बुधवार को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी संगठनात्मक टीम का ऐलान किया। इसमें अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर बरकरार रखा गया।

कहा जा रहा है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से चन्नी नाराज हैं। उन्हें पार्टी की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। जालंधर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी बृहस्पतिवार को पूरे दिन किसी से संपर्क में नहीं रहे।

उन्हें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। उन्होंने शुक्रवार को अपने समर्थकों की बैठक भी बुलाई है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि हर राज्य में कांग्रेस में अंदरूनी लड़ाई जारी है और पार्टी ‘टुकड़े-टुकड़े मोड’ में है।

उन्होंने वीडियो बयान में कहा, “मनीष तिवारी के बाद अब चन्नी की बारी है। तिवारी कांग्रेस से नाराज थे और उन्होंने इस बारे में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट भी की। एक दिन बाद अब चन्नी भी कांग्रेस से नाराज हैं और अपने समर्थकों की बैठक बुला रहे हैं।”

पूनावाला ने दावा किया कि कांग्रेस बिना नेतृत्व के आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि कांग्रेस हर दिन यह साबित कर रही है कि उसके पास न नेता है, न नीति, न नेतृत्व और न कोई मिशन है। सिर्फ भ्रम और मतभेद है।”

भाजपा नेता ने कई राज्यों में कांग्रेस के नेताओं के बीच गुटबाजी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की पहचान अब अंदरूनी लड़ाई बन गई है।

उन्होंने कहा, “कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच टकराव है। हिमाचल प्रदेश में प्रतिभा सिंह और सुखविंदर सिंह सुक्खू के बीच मतभेद हैं। राजस्थान में हम अशोक गहलोत और सचिन पायलट की लड़ाई देख चुके हैं। हर राज्य में कांग्रेस ‘टुकड़े-टुकड़े मोड’ में है और अब पंजाब भी इसमें शामिल हो गया है।”

पूनावाला ने कहा कि बार-बार होने वाले ये अंदरूनी विवाद दिखाते हैं कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करते।

उन्होंने कहा, “इससे पता चलता है कि कांग्रेस राहुल गांधी को अपना नेता नहीं मानती और उनके तथाकथित नेतृत्व में हर दिन ऐसी लड़ाइयां होती रहती हैं।”

पूनावाला ने यह दावा भी किया कि तेलंगाना कांग्रेस और मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मिलकर राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन को हराने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी में हर दिन एक नया कलेश, नई लड़ाई, नया बंटवारा और नई दरार सामने आ रही है।”

भाषा जोहेब वैभव

वैभव