दुर्ग, दो अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से कई करोड़ रुपये मूल्य का लोहा कबाड़ कथित चोरी के मामले में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक पदाधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
भिलाई नगर के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि भिलाई के वैशाली नगर निवासी कारोबारी भास्कर मुदलियार को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। उनकी गाड़ियां लंबे समय से इस्पात संयंत्र के भीतर संचालित हो रही थीं।
तिवारी ने कहा, ‘‘जांच के दौरान उनके संबंध उन वाहनों से पाए गए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर चोरी किए गए लोहे के कबाड़ की ढुलाई में किया गया था। पूछताछ के बाद मुदलियार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला इस्पात संयंत्र के भीतर और बाहर सक्रिय एक संगठित गिरोह से जुड़ा है।’’
गिरफ्तारी के बाद भाजपा की भिलाई इकाई के प्रवक्ता विजय सिंह ने बताया कि वैशाली नगर मंडल इकाई के कोषाध्यक्ष रहे मुदलियार को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, पिछले चार से पांच महीनों से फ्ल्यू डस्ट (भट्ठी की धूल) की खेप में छिपाकर लोहा कबाड़ चोरी किया जा रहा था।
मामले का खुलासा 26 मई को हुआ, जब पुलिस ने सूचना के आधार पर भिलाई के हथखोज क्षेत्र स्थित एके ट्रेडर्स परिसर में छापा मारा और ट्रकों तथा अन्य भारी वाहनों में फ्ल्यू डस्ट के साथ लदी लोहे की प्लेटें, बीम, कटिंग सामग्री और अन्य स्क्रैप बरामद किया।
पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेटें, बीम की कटिंग और अन्य लौह सामग्री जब्त की। साथ ही चोरी के कबाड़ की ढुलाई में कथित रूप से इस्तेमाल किए गए ट्रक, जेसीबी मशीन, हाइड्रा क्रेन और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।
उन्होंने बताया कि जब्त किए गए लोहा कबाड़, वाहनों और मशीनरी की कुल कीमत लगभग 3.22 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें करीब 90 लाख रुपये का लोहा कबाड़ शामिल है।
मुदलियार की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
भिलाई इस्पात संयंत्र से लोहा और लोहा कबाड़ कथित चोरी का मुद्दा वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन लगातार उठाते रहे हैं।
शनिवार को सोशल मीडिया पर की गई कई पोस्ट में सेन ने कहा कि उन्होंने इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों को पत्र लिखा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े साक्ष्य नष्ट कर दिए गए और भिलाई इस्पात संयंत्र से लोहा चोरी करने में कथित रूप से इस्तेमाल किए गए वाहनों को रातोंरात काटकर नष्ट कर दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि चोरी के मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन 10,000 करोड़ रुपये मूल्य के लोहे की कथित लूट के जिम्मेदार लोग अब भी गिरफ्त से बाहर हैं।
एक अन्य पोस्ट में सेन ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि भिलाई इस्पात संयंत्र से कथित रूप से चोरी किया गया कई करोड़ रुपये का लोहा रसमड़ा स्थित एक फैक्टरी से बरामद हुआ, लेकिन कथित तौर पर चोरी का लोहा खरीदने वाले फैक्टरी मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सेन ने यह भी दावा किया कि एक अधिकारी ने फैक्टरी मालिक को बचाने के लिए कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की रिश्वत ली।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज तीन बार मिटाए गए और ‘कॉल डिटेल रिकॉर्ड’ (सीडीआर) भी हटा दिए गए।
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए लिखा, ‘‘फिलहाल मेरे पास ठोस सबूत नहीं हैं, लेकिन यदि साक्ष्य सामने आते हैं तो छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी हो सकती है।’’
भाषा
राखी नरेश
नरेश