मुख्यमंत्री हिमंत ने भारत छोड़ो आंदोलन में असम के शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया
मुख्यमंत्री हिमंत ने भारत छोड़ो आंदोलन में असम के शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया
गुवाहाटी, 20 सितंबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 1942 में आज ही के दिन शहीद हुईं कनकलता बरुआ और तिलेश्वरी बरुआ सहित राज्य के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीरांगनाओं का साहस और देशभक्ति हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि 1942 में आज ही के दिन ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन में असम भी पूरे देश के साथ खड़ा हो गया था।
मुख्यमंत्री ने मुकुंद काकती, भोगेश्वरी फुकनानी और मानबर नाथ सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान को भी याद किया।
शर्मा ने कहा, ‘मैं असम के इन बहादुर बेटों और बेटियों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनका साहस, बलिदान और देशभक्ति हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।’
उन्होंने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी याद किया कि कैसे 1942 में आज ही के दिन ‘ढेकियाजुली असम के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे काले लेकिन सबसे साहसी अध्यायों में से एक का गवाह बना था।’
शर्मा ने कहा, ‘मैं तिलेश्वरी बरुआ सहित उन 15 शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनके सर्वोच्च बलिदान ने हमें स्वतंत्रता हासिल करने में मदद की।’
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान तिलेश्वरी बरुआ सबसे कम उम्र की महिला शहीदों में से एक थीं। उस समय उनकी उम्र महज 12 वर्ष थी।
भाषा प्रचेता रंजन
रंजन

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