मुख्यमंत्री माझी ने दक्षिणी ओडिशा के बारिश से प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण शुरू किया
मुख्यमंत्री माझी ने दक्षिणी ओडिशा के बारिश से प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण शुरू किया
भुवनेश्वर, 27 सितंबर (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को गंजाम, कोरापुट और नबरंगपुर के उन इलाकों का हवाई सर्वेक्षण शुरू किया जहां भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आ गई है।
भारी बारिश से राज्य के 13 जिले प्रभावित हुए हैं और स्थानीय प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है।
इस बीच, हीराकुंड बांध ने जलाशय में आ रहे अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए रविवार को दो और गेट खोल दिए गए। अब 22 गेट के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है। जलाशय का मौजूदा जलस्तर 628.29 फुट है जबकि जलाशय का अधिकतम स्तर 630 फुट तक है।
राज्य सरकार ने शनिवार तक निचले इलाकों से 70,000 से अधिक लोगों को निकालकर 395 राहत शिविरों में पहुंचाया था।
माझी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ स्थिति की समीक्षा करने का फैसला किया। हालांकि हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण उनका हवाई सर्वेक्षण करीब दो घंटे देर से शुरू हुआ।
मुख्यमंत्री दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, कोरापुट और नबरंगपुर के प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद कोरापुट जिले के जयपुर पहुंचेंगे और वहां समीक्षा बैठक करेंगे। दोपहर में वह नबरंगपुर के बारिश प्रभावित इलाकों का भी दौरा करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरी, क्योंझर, नयागढ़, कंधमाल, बलांगीर और जगतसिंहपुर में भारी बारिश और बाढ़ आई है।
बालासोर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में है, जहां तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर सुबह छह बजे जलेश्वर के राजघाट में 11.68 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। इससे भोगराई, जलेश्वर, बालीपाल और बस्ता प्रखंडों के गांवों में बाढ़ आ गई।
मयूरभंज में सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों ने कई जलधाराओं और नालों में पानी बढ़ने के कारण पर्यटक स्थल देवकुंड को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
भाषा
राखी संतोष
संतोष

Facebook


