मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभिन्न विभागों के बीच डेटा के सुरक्षित और उचित इस्तेमाल की पैरवी की

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभिन्न विभागों के बीच डेटा के सुरक्षित और उचित इस्तेमाल की पैरवी की

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभिन्न विभागों के बीच डेटा के सुरक्षित और उचित इस्तेमाल की पैरवी की
Modified Date: August 25, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: August 25, 2026 7:18 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभिन्न विभागों के बीच डेटा के सुरक्षित और उचित इस्तेमाल की पैरवी करते हुए मंगलवार को कहा कि इससे एक ही काम के लिए बार-बार डेटा जुटाने की जरूरत कम होगी तथा सही लोगों तक योजनाओं और सेवाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकेगा

इसी के साथ गुप्ता ने यह भी कहा कि लोगों को यह भरोसा होना चाहिए कि सरकार को दी गई उनकी जानकारी का इस्तेमाल सुरक्षित और जिम्मेदारी से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए लोगों की निजता और डेटा की सुरक्षा का ध्यान रखना व डेटा का इस्तेमाल केवल तय उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डेटा को लेकर जवाबदेही सुनिश्चित करना, डेटा की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखना और सभी लागू कानूनों व नीतियों का पालन करना जरूरी है।

गुप्ता ने दिल्ली में ऐसी डेटा व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई जिसमें डेटा साझा करने और इस्तेमाल करने का काम जिम्मेदारी से हो और इसके लिए स्पष्ट नियम और स्थायी व्यवस्था हो।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी ‘हार्मोनाइजेशन एंड इंटरलिंकिंग ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव डेटा फॉर एआई-रेडी गवर्नेंस’ विषय पर एक कार्यशाला में की। इसमें दिल्ली सरकार के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

इसमें कहा गया है कि कार्यशाला में डेटा के बेहतर इस्तेमाल के जरिए दिल्ली में तथ्यों के आधार पर फैसले लेने, लोगों की जरूरत के अनुसार पहले से सेवाएं उपलब्ध कराने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने वाली सरकारी व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

बयान में कहा गया है कि इस दौरान दिल्ली सरकार के योजना विभाग और ‘एकस्टेप फाउंडेशन’ के बीच प्रशासनिक डेटा के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता भी हुआ।

बयान के मुताबिक, कार्याशाला के दौरान ‘डेटा धारा’ पेपर भी जारी किया गया। डेटा ‘हार्नेस्ड फॉर एआई-रेडी एडवांसमेंट्स’ (धारा) ओपन-सोर्स और डिजिटल सार्वजनिक अवसरंचना पर आधारित ‘मेथडोलॉजी’ है। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों और संस्थानों के डेटा को कृत्रिम मेधा (एआई) के इस्तेमाल के लिए तैयार करने में मदद करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “अलग-अलग सरकारी विभागों के अपने-अपने डेटा और रिकॉर्ड हैं, लेकिन नागरिकों के लिए सरकार एक ही है। इसलिए जहां कानून इसकी अनुमति देता हो और तकनीकी रूप से संभव हो, वहां विभागों के बीच डेटा का सुरक्षित और उचित तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि इससे एक ही काम के लिए बार-बार डेटा जुटाने की जरूरत कम होगी, सही लोगों तक योजनाओं और सेवाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकेगा और नागरिकों को हर विभाग में बार-बार अपनी वही जानकारी देने की परेशानी नहीं होगी।

गुप्ता ने कहा, “केवल अलग-अलग डेटाबेस को जोड़ देना ही काफी नहीं है। इसके लिए डेटा की एक जैसी परिभाषा और मानक तय करना, एक समान मेटाडेटा रखना, डेटा की गुणवत्ता बेहतर करना, अलग-अलग प्रणालियों के बीच आसानी से डेटा साझा करने की व्यवस्था, सही पहचान संख्या और हर स्तर पर जिम्मेदारियां तय करना जरूरी है।”

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश


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