यूएनडीपी, लद्दाख प्रशासन ने हिमालयी क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण पर साझेदारी फिर से मजबूत की

यूएनडीपी, लद्दाख प्रशासन ने हिमालयी क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण पर साझेदारी फिर से मजबूत की

यूएनडीपी, लद्दाख प्रशासन ने हिमालयी क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण पर साझेदारी फिर से मजबूत की
Modified Date: August 25, 2026 / 06:49 pm IST
Published Date: August 25, 2026 6:49 pm IST

लेह/जम्मू, 25 अगस्त (भाषा) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) भारत ने जैव विविधता संरक्षण, जलवायु कार्रवाई और स्थायी आजीविका के क्षेत्र में लद्दाख प्रशासन के साथ लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को फिर से मजबूत किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यूएनडीपी भारत की स्थानीय प्रतिनिधि एंजेला लुसिगी ने हाल में लेह में हुए ‘ब्लैक-नेक्ड क्रेन’ महोत्सव के दौरान लद्दाख के उपराज्यपाल वी के सक्सेना और मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वर्तमान और भविष्य में सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा की।

अधिकारियों ने बताया कि बातचीत में ‘सिक्योर हिमालय’ परियोजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इस परियोजना ने भारत में पहली राष्ट्रीय हिम तेंदुआ गणना में मदद की और लद्दाख के याया त्सो और हानले को अंतरराष्ट्रीय महत्व वाली आर्द्रभूमि के रूप में मान्यता दिलाने में मदद की।

उन्होंने बताया कि बातचीत में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण के लिए सहयोग मजबूत करने और लद्दाख की व्यापक विकास प्राथमिकताओं में मदद करने पर ध्यान दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि यूएनडीपी भारत और लद्दाख प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश में संरक्षण, टिकाऊ आजीविका और जलवायु कार्रवाई के लिए आगे भी मिलकर काम करने की उम्मीद है।

भाषा जोहेब माधव

माधव


लेखक के बारे में