तिरुवनंतपुरम, 24 जून (भाषा) केरल विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी हुई। मुख्यमंत्री ने शीर्ष पद पर अपनी नियुक्ति का बचाव किया और माकपा की अंदरूनी कार्यप्रणाली पर तंज कसा।
बजट पर तीन दिन चली चर्चा का जवाब देते हुए, सतीशन ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने चयन को लेकर विपक्ष की आलोचना को खारिज किया और कहा कि नेतृत्व का चुनाव लोकतांत्रिक राजनीति का एक सामान्य हिस्सा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम एक लोकतांत्रिक पार्टी हैं और ऐसी बातें होती रहती हैं। लोकतांत्रिक राजनीतिक दलों में ये सामान्य बातें हैं। पार्टी में कई काबिल लोग हैं- असल में, कई लोग तो मुझसे भी ज़्यादा योग्य हो सकते हैं। बस, इस पद के लिए मुझे चुना गया, और बात बस इतनी ही है।’’
सतीशन ने विपक्ष से कहा कि आपसी मतभेद सिर्फ़ कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ तक ही सीमित नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘क्या आपकी पार्टी, माकपा में सबकुछ हमेशा पूरी तरह शांतिपूर्ण रहता है? आपके आंतरिक चुनावों के बाद क्या-क्या हुआ? हमने वे घटनाक्रम भी देखे हैं।’’
टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयन ने कहा कि माकपा को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और मीडिया के कुछ वर्गों की आलोचना की आदत लंबे समय से रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘आपमें से कुछ लोग शायद अभी मुस्करा रहे होंगे, लेकिन याद रखें कि हमारी पार्टी को वर्षों से मीडिया के कुछ हिस्सों और राजनीतिक विरोधियों के लगातार हमलों का सामना करना पड़ा है। हमने पहले भी इन सबका सामना किया है।’’
सतीशन ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी और गठबंधन की आलोचना का जवाब देने का हक है, क्योंकि एलडीएफ सदस्यों ने भी कांग्रेस नेतृत्व के बारे में टिप्पणियां की थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर एलडीएफ के सदस्य हमारी पार्टी के बारे में बात करते हैं, तो उन्हें स्वाभाविक रूप से जवाब की उम्मीद करनी चाहिए। यह बिल्कुल उचित है।’’
भाषा नेत्रपाल सुरेश
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