नीट पेपर लीक विवाद के मद्देनजर एनटीए के नए कार्यालय में तैनात किए जाएंगे सीआईएसएफ कर्मी

नीट पेपर लीक विवाद के मद्देनजर एनटीए के नए कार्यालय में तैनात किए जाएंगे सीआईएसएफ कर्मी

नीट पेपर लीक विवाद के मद्देनजर एनटीए के नए कार्यालय में तैनात किए जाएंगे सीआईएसएफ कर्मी
Modified Date: September 27, 2026 / 04:12 pm IST
Published Date: September 27, 2026 4:12 pm IST

(गुंजन शर्मा)

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक और प्रशासनिक खामियों को लेकर हुए बड़े विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के नए कार्यालय में कामकाज शुरू होने पर ‘‘गोपनीय क्षेत्रों’’ में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कर्मी तैनात किए जाएंगे।

यह कदम इस साल की शुरुआत में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-स्नातक का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उठाया गया है। इस मामले को लेकर देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे, जिसके बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था।

प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा सुधारों की सिफारिश करने के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कार्यबल के गठन की घोषणा की थी। इस समिति ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है।

प्रश्नपत्र लीक मामले में दायर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के आरोपपत्र में तीन विषय विशेषज्ञों को प्रश्नपत्र लीक का मुख्य सूत्रधार बताया गया है। आरोप पत्र में कहा गया है कि एनटीए के गोपनीय विभाग में प्रवेश या बाहर निकलने के दौरान विशेषज्ञों की कोई जांच या तलाशी नहीं होती थी।

आरोप पत्र के अनुसार इससे विशेषज्ञों को छोटे कागज के टुकड़ों पर प्रश्नपत्रों के सवाल लिखकर ले जाने का मौका मिला।

साल 2017 में निष्पक्ष, पारदर्शी और मानकीकृत परीक्षाएं कराने के लिए स्थापित एनटीए में अब तक ओखला स्थित इसके कार्यालय से कामकाज किया जा रहा था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस भवन में 55 हजार वर्ग फुट से अधिक का एक समर्पित कार्यालय परिसर है। इस इमारत की पूरी पांचवीं मंजिल और चौथी तथा छठी मंजिल की कुछ जगह एनटीए को दी गई है। पिछले एक महीने में गोपनीय और संवेदनशील कामकाज को नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है।’’

सीबीआई की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि तीनों आरोपी विशेषज्ञों की हरकतों का इसलिए पता नहीं चल पाया क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में स्थित एनटीए कार्यालय में सीसीटीवी लाइव फीड की निगरानी के लिए कोई अलग नियंत्रण कक्ष नहीं था।

नए परिसर में निगरानी की योजना के बारे में अधिकारी ने कहा, ‘‘भवन में गोपनीय क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां आवाजाही और कामकाज पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि पूरी तरह सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। गृह मंत्रालय ने परिसर के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की सुरक्षा को मंजूरी दी है।’’

भाषा जोहेब रंजन

रंजन


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