मुख्यमंत्री ने दक्षिण ओडिशा में बारिश प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया

मुख्यमंत्री ने दक्षिण ओडिशा में बारिश प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया

मुख्यमंत्री ने दक्षिण ओडिशा में बारिश प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया
Modified Date: September 27, 2026 / 04:08 pm IST
Published Date: September 27, 2026 4:08 pm IST

भुवनेश्वर, 27 सितंबर (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को गंजाम और कोरापुट के उन इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया, जो भारी बारिश के बाद उफनती नदियों के कारण जलमग्न हो गए हैं।

बारिश से ओडिशा के 13 जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।

हीराकुंड बांध ने रविवार को जलाशय में आ रहे अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने के लिए दो और गेट खोल दिए। अब 24 गेटों के जरिए अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। जलाशय में पानी का स्तर 628.29 फुट है, जबकि इसकी पूर्ण जलाशय क्षमता 630 फुट है।

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि रविवार रात महानदी से सात लाख क्यूसेक पानी बहकर कटक के पास मुंडली पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह तक यह मात्रा बढ़कर आठ लाख क्यूसेक हो सकती है।

राउत ने कहा कि इससे महानदी की कई सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ जाएगा और कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर तथा केंद्रपाड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ सकती है।

राज्य सरकार ने शनिवार तक निचले इलाकों से 70,000 से अधिक लोगों को निकालकर 395 राहत शिविरों में पहुंचाया है।

राउत ने कहा, ‘‘कटक जिले के बांकी, अतगढ़ और बडंबा के कई इलाके आज पानी में डूब जाएंगे।’

उन्होंने कहा कि पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों के निचले इलाकों में भी पानी भर सकता है।

मुख्यमंत्री माझी ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ गंजाम और कोरापुट जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के नबरंगपुर जिले के प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने के लिए नाव से जाने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण माझी का हवाई सर्वेक्षण करीब दो घंटे की देरी से शुरू हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरि, क्योंझर, नयागढ़, कंधमाल, बोलांगीर और जगतसिंहपुर में भारी बारिश और बाढ़ आई है।

बालासोर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में है, जहां तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर सुबह छह बजे जलेश्वर के राजघाट में 11.68 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। इससे भोगराई, जलेश्वर, बालीपाल और बस्ता प्रखंडों के गांवों में बाढ़ आ गई।

मयूरभंज में सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों ने कई जलधाराओं और नालों में पानी बढ़ने के कारण पर्यटक स्थल देवकुंड को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

जाजपुर और भद्रक जिलों में भी भीषण बाढ़ की खबरें है।

भाषा राखी नेत्रपाल शोभना

शोभना


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