नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने सोमवार को भूटान के दो युवा पेशेवरों का स्वागत किया, जो उच्चतम न्यायालय में बतौर विधि लिपिक (न्यायिक सहायक) के रूप में कार्य करेंगे।
सीजेआई ने कहा, ‘‘भूटान के साथ हमारी प्रतिबद्धता और न्यायिक सहयोग के तहत हमने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। आज दो युवा हमारे साथ जुड़े हैं। दोनों का विधि लिपिक के रूप में स्वागत है।’’
उच्चतम न्यायालय ने युवा विधि पेशेवरों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए भूटान के सर्वोच्च न्यायालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
सीजेआई ने पहले बताया था कि इस एमओयू के तहत भूटान के दो विधि लिपिक को नयी दिल्ली स्थित उच्चतम न्यायालय में तीन महीने की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा।
उन्होंने कहा था कि इन दोनों पेशेवरों को स्थानीय विधि लिपिकों के समान ही मानदेय दिया जाएगा और उनकी यात्रा का पूरा खर्च शीर्ष न्यायालय वहन करेगा।
सीजेआई ने कहा था, ‘‘दोनों अलग-अलग पीठों में कार्य करेंगे और दोनों ही बेहद प्रतिभाशाली हैं।’’
उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारत और भूटान के बीच न्यायिक सहयोग को मजबूत करना तथा दोनों देशों के न्यायिक संस्थानों के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करना है।
भाषा गोला रंजन
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