जेएनयूएसयू के विरोध मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प कई हिरासत में लिये गए

जेएनयूएसयू के विरोध मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प कई हिरासत में लिये गए

जेएनयूएसयू के विरोध मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प कई हिरासत में लिये गए
Modified Date: February 26, 2026 / 10:20 pm IST
Published Date: February 26, 2026 10:20 pm IST

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) दिल्ली में बृहस्पतिवार को छात्र संघ द्वारा निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने उस पर हमला किया। वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपने खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी छात्रों में से कई को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने लाठियां और जूते फेंके और हमले किए, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ कर्मियों को दांत भी ‘काट’ लिया गया।

प्रदर्शनकारियों द्वारा मार्च को परिसर से बाहर ले जाने की कोशिश करने पर छात्रों और पुलिस के बीच विश्वविद्यालय के गेट पर झड़प हुई। उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) अध्यक्ष अदिति मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार और कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने एक बयान में कहा कि छात्रों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर से शिक्षा मंत्रालय तक एक ‘लांग मार्च’ निकालने का आह्वान किया था।

यह मार्च विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा हाल ही में एक पॉडकास्ट में यूजीसी मानदंडों के क्रियान्वयन, जेएनयूएसयू पदाधिकारियों के निलंबन और प्रस्तावित रोहित अधिनियम पर की गई टिप्पणियों के विरोध में जारी प्रदर्शनों का हिस्सा था।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया, झड़प में कई छात्र घायल हुए और उनमें से कुछ को पुलिस द्वारा ‘अपुष्ट स्थानों’ पर ले जाया गया।

पुलिस के अनुसार, जेएनयू प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को सूचित किया था कि परिसर के बाहर किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और उन्हें विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही अपना प्रदर्शन सीमित रखने की सलाह दी थी।

पुलिस ने बताया कि इसके बावजूद, लगभग 400-500 छात्र परिसर में जमा हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने बताया कि अपराह्न लगभग 3.20 बजे, प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार से बाहर निकले और मंत्रालय की ओर बढ़ने का प्रयास किया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “स्थिति बिगड़ने पर परिसर के बाहर लगाए गए बैरिकेड क्षतिग्रस्त हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और लाठियां फेंकीं, जूते फेंके और हमला भी किया। झड़प के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को दांत काट लिया गया। इससे मौके पर तैनात कई अधिकारी घायल हो गए।”

पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को जेएनयू परिसर के नॉर्थ गेट पर रोका और धीरे-धीरे उन्हें विश्वविद्यालय परिसर के अंदर धकेल दिया।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। कुछ प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जो पूरी तरह निराधार है। वहां तैनात प्रत्येक अधिकारी कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगा हुआ था।”

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने आज जारी एक बयान में, पुलिस द्वारा “बल प्रयोग” की निंदा की। संघ ने आरोप लगाया कि कई छात्राएं और छात्र घायल हुए हैं और हिरासत में लिए गए लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की, साथ ही दावा किया कि कुछ को “अपुष्ट स्थानों” पर ले जाया गया है।

जेएनयूटीए ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई छात्रों को मार्च करने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने से रोकने के उद्देश्य से की गई थी और उसने हिरासत में लिए गए सभी छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग की।

भाषा अमित रंजन

रंजन


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