क्लासमेट ने ऐसा आरोप लगाकर युवक की जिंदगी कर दी खराब, पुलिस ने मामले का किया पर्दाफाश

CRIME NEWS : सहपाठी छात्रा की ओर से बलात्कार करने और तेजाब फेंकने की धमकी देने का फर्जी आरोप लगाए जाने के बाद एक छात्र को स्कूल....

क्लासमेट ने ऐसा आरोप लगाकर युवक की जिंदगी कर दी खराब, पुलिस ने मामले का किया पर्दाफाश
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: October 11, 2022 11:11 pm IST

जोधपुर CRIME NEWS : सहपाठी छात्रा की ओर से बलात्कार करने और तेजाब फेंकने की धमकी देने का फर्जी आरोप लगाए जाने के बाद एक छात्र को स्कूल से निकाल दिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि छात्रा ने खुद से धमकी भरा पत्र लिखा था और पुलिस को दी गई तहरीर में दावा किया था कि यह चिट्ठी सहपाठी छात्र ने लिखी है। बाद में पुलिस को पता चला कि लिखावट छात्रा की है।

read more : जनरल स्टोर पर बिकेगी बीयर, हिंदू संगठनों ने फैसले का किया विरोध, कही ये बड़ी बात 

उन्होंने बताया कि मामले में आरोपी छात्र 18 साल का है और छात्रा नाबालिग है। पुलिस ने बताया कि छात्रा से मिली तहरीर के आधार पर छात्र और उसके रिश्तेदार के खिलाफ पांच सितंबर को पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।उन्होंने बताया कि छात्र के रिश्तेदार को कुछ दिन बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि छात्र को सात नवंबर को गिरफ्तार कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

read more : चुनाव आयोग ने किया साफ, शिवसेना के शिंदे गुट को मिला ये चुनाव चिन्ह 

शास्त्री नगर थाने के एसएचओ जोगेन्द्र सिंह ने बताया कि छात्रा ने छात्र से बदला लेने के लिए पूरी साजिश रची थी क्योंकि उसकी दोस्ती किसी और लड़की से हो गयी थी। उन्होंने बताया, ‘‘अब हम अदालत से दोनों (छात्र और उसके रिश्तदार) को जेल से छोड़ने की अपील करेंगे।’’ पुलिस आयुक्त रवि दत्त ने बताया कि छात्र की गिरफ्तारी के बाद भी छात्रा धमकी मिलने की शिकायत करती रही, जिसके कारण छात्र की गिरफ्तारी से पहले और बाद की चिट्ठियों की लिखावट का मिलान किया गया।

उन्होंने बताया, ‘‘हमने छात्रा से पूछताछ की जिसमें उसने अपने सहपाठी को फंसाने के लिए सारे पत्र खुद लिखना स्वीकार किया।’’ इसबीच, मामले में आरोपी छात्र ने स्वयं के निर्दोष होने का दावा करते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। छात्र ने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने एकतरफा फैसला कर लिया और उसकी बात नहीं सुनी।

 


लेखक के बारे में