कोविड-19 टीके के क्लीनिकल परीक्षण में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया: कांग

कोविड-19 टीके के क्लीनिकल परीक्षण में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया: कांग

कोविड-19 टीके के क्लीनिकल परीक्षण में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया: कांग
Modified Date: November 29, 2022 / 08:09 pm IST
Published Date: December 13, 2020 11:52 am IST

(उज्मी अतहर)

नयी दिल्ली, 13 दिसंबर (भाषा) कोविड-19 टीके के प्रभाव एवं सुरक्षा को लेकर लोगों के मन में उभर रही चिंताओं को लेकर मशहूर चिकित्सा वैज्ञानिक गगनदीप कांग ने कहा कि कोरोना वायरस के लिए टीके बेहद कम समयावधि में तैयार किया जा रहे हैं लेकिन इनके क्लीनिकल परीक्षण में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है।

कोरोना वायरस का टीका विकसित करने वाले उम्मीदवारों को सहायता उपलब्ध कराने वाली एक वैश्विक संस्था से जुड़ी कांग ने यह भी कहा कि कोविड-19 का टीका वैश्विक एवं घरेलू स्तर पर सभी के लिए उपलब्ध होना चाहिए। गगनदीप कांग लंदन की रॉयल सोसायटी का हिस्सा बनने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

कांग ने ”पीटीआई-भाषा” से साक्षात्कार के दौरान कहा कि यद्यपि, कोरोना वायरस का टीका ”बेहद कम समय” में विकसित किया जा रहा है लेकिन क्लीनिकल परीक्षण के सभी चरणों से इसे गुजारा जा रहा है।

उन्होंने कहा, ” केवल परीक्षण के तौर-तरीकों में बदलाव किया गया है, जहां क्लीनिकल परीक्षणों के चरणों के बीच होने वाले सभी कदमों को काट दिया गया है। इसका मतलब है कि नियामक पहले से भी कहीं अधिक लंबे और मुश्किल काम कर रहे हैं।”

वैज्ञानिक ने कहा कि सभी लोग चीजों को तेजी से करने को लेकर बात कर रहे हैं लेकिन ” मुझे लगता है कि यह जानना बेहद आवश्यक है कि हम किन चरणों को काट रहे हैं और यह बेहद साफ है कि टीका विकसित करने के दौरान परीक्षण के किसी भी पहलू को हटाया नहीं जा रहा है।”

उन्होंने कहा, ” मैं सोचती हूं कि यह समझना बेहद आवश्यक है कि कोविड-19 टीकों के क्लीनिकल परीक्षण में किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया गया है।”

कांग ने कहा कि कोविड-19 टीके को विकसित करने को लेकर एक और चीज अलग है कि जल्द नतीजे प्राप्त करने के मद्देनजर क्लीनिकल परीक्षण बड़े व्यापक पैमाने पर किए गए हैं।

टीके के भंडारण के लिए ”कोल्ड चेन” क्षमता की उपलब्धता के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोविड-19 का टीका सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध रहना सुनिश्चित करना चाहिए।

कांग ने चिंता जताते हुए कहा कि टीके को बेहद कम तापमान में रखने को लेकर बड़े शहरों में तो ”कोल्ड चेन” की व्यवस्था है लेकिन ग्रामीण एवं छोटे शहरों में ऐसी व्यवस्था नहीं होने की सूरत में लोगों के लिए टीका उपलब्ध कराना मुश्किल काम होगा।

भाषा शफीक नरेश

नरेश


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