मुख्यमंत्री माझी ने प्रधानमंत्री मोदी का मजाक उड़ाने को लेकर राहुल गांधी के ‘संस्कारों’ पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री माझी ने प्रधानमंत्री मोदी का मजाक उड़ाने को लेकर राहुल गांधी के ‘संस्कारों’ पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री माझी ने प्रधानमंत्री मोदी का मजाक उड़ाने को लेकर राहुल गांधी के ‘संस्कारों’ पर उठाए सवाल
Modified Date: September 20, 2026 / 05:44 pm IST
Published Date: September 20, 2026 5:44 pm IST

भुवनेश्वर, 20 सितंबर (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कथित रूप से मजाक उड़ाने को लेकर रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘‘संस्कार’’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि बुनियादी शिष्टाचार को राजनीतिक दिखावे तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।

माझी ने शनिवार को इंदौर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मोदी पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की आलोचना करते हुए ‘एक्स’ पर यह बात कही।

माझी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी की राजनीति उस स्तर पर पहुंच गई है जहां एक बुजुर्ग महिला के प्रति सम्मान का व्यवहार भी मजाक का विषय बन जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भीड़ में एक बुजुर्ग महिला को खड़े देखा, अपना भाषण रोका और यह सुनिश्चित किया कि उन्हें कुर्सी दी जाए। यही संस्कार है। यही गरिमा है। यही लोगों के प्रति सम्मान है।’’

माझी ने भीड़ में खड़ी एक बुजुर्ग महिला के लिए मोदी द्वारा आयोजकों से कुर्सी की व्यवस्था करने को कहने वाली वीडियो क्लिप साझा करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने इस बात का मजाक उड़ाया।

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के इस साधारण व्यवहार का मजाक उड़ाया। यह राजनीतिक मतभेद से आगे की बात है। यह कांग्रेस की राजनीति में मूल्यों की कमी को दर्शाता है, जहां बुनियादी शिष्टाचार और सम्मान अब राजनीतिक दिखावे का निशाना बन गए हैं।’’

माझी ने राहुल गांधी को सम्मान से जुड़े कार्यों का मजाक उड़ाने से बचने की सलाह भी दी।

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी को याद रखना चाहिए कि जब आप सम्मान के किसी कार्य का मजाक उड़ाते हैं तो आप सम्मान दिखाने वाले व्यक्ति को कमतर नहीं करते। आप केवल अपने संस्कार लोगों के सामने लाते हैं।’’

ओडिशा दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी राहुल गांधी की आलोचना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता के राजनीतिक अभियानों के कारण विपक्षी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है।

साय ने कहा, ‘‘अगर आप उनके (राहुल गांधी के) पिछले रिकॉर्ड को देखें तो जहां-जहां उन्होंने प्रचार किया, वहां कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ। हाल के दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) चुनाव में भी हमें (एबीवीपी को) जीत मिली, जो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि देश के युवा किसके साथ खड़े हैं।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने भी विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर उन पर निशाना साधा।

प्रधान ने आरोप लगाया कि इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने विद्यार्थियों के सामने आने वाली हर चुनौती को ‘‘कब्जे वाली व्यवस्था’’ का सबूत बताने की कोशिश की और एक जटिल शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक नारों तक सीमित कर दिया।

प्रधान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लेकिन वास्तविकता केवल बयानबाजी से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। छात्रों को राजनीतिक दिखावे नहीं, बल्कि जवाब चाहिए। जब नेता प्रतिपक्ष अपना एजेंडा आगे बढ़ाने में व्यस्त हैं, वहीं भारत ने उच्च शिक्षा तक पहुंच का विस्तार किया है। सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 2014-15 में 23.7 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 30 प्रतिशत हो गया है।’’

सकल नामांकन अनुपात, शिक्षा के किसी विशिष्ट स्तर पर नामांकित छात्रों की कुल संख्या का उस आयु वर्ग की कुल जनसंख्या के साथ सांख्यिकीय अनुपात है।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


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