तटीय राजमार्ग परियोजना से ओडिशा की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति : माझी

तटीय राजमार्ग परियोजना से ओडिशा की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति : माझी

तटीय राजमार्ग परियोजना से ओडिशा की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति : माझी
Modified Date: June 3, 2026 / 06:37 pm IST
Published Date: June 3, 2026 6:37 pm IST

भुवनेश्वर, तीन जून (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को कहा कि 8,300 करोड़ रुपये की तटीय राजमार्ग परियोजना को केंद्र से मिली हरी झंडी से राज्य की तटीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा और लाखों लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।

माझी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएम) के तहत खुर्दा जिले के रामेश्वर से जगतसिंहपुर जिले के पारादीप तक एक ‘ग्रीनफील्ड’ तटीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी देने के बाद आया है।

इस 160.18 लंबे राजमार्ग का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत 8,300.79 करोड़ रुपये है।

माझी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति द्वारा रामेश्वर से पारादीप तक 8,300 करोड़ रुपये के तटीय राजमार्ग को मंजूरी मिलने के साथ ही ओडिशा के अवसंरचना विकास में एक नया अध्याय शुरू हो गया है… मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और माननीय केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी के हमारे राज्य के विकास और समृद्धि के प्रति अटूट समर्थन और प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना संपर्क को मजबूत करेगी, यात्रा के समय को लगभग ढाई घंटे कम करेगी और पर्यटन, व्यापार, रसद और आर्थिक विकास के लिए नए अवसर पैदा करेगी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह राजमार्ग खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों से होकर गुजरेगा।

बयान के मुताबिक स्वर्णिम चतुर्भज का हिस्सा, मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-16 पहले से ही एक छह-लेन का है जो खुर्दा, भुवनेश्वर और कटक जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों से होकर गुजरता है, जबकि एनएच-316 भुवनेश्वर को पुरी से जोड़ता है और आगे सतपाड़ा और कोणार्क तक जाता है।

बयान में कहा गया है कि पुरी-सतपाड़ा और पुरी-कोणार्क खंडों के साथ मौजूदा सड़क संरचना खराब है, जिसमें लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा आबादी वाले इलाके से गुजरता है और इसपर स्थानीय यात्रियों का अधिक दबाव रहता है, जिससे यह गलियारा सुचारू लंबी दूरी के वाहन आवागमन के लिए अनुपयुक्त हो गया है।

परियोजना के तहत पहले चरण में रामेश्वर से कोणार्क तक नए तटीय राजमार्ग में चार लेन होंगी और द्वितीय चरण में कोणार्क से पारादीप तक पक्की शोल्डर वाली दो लेन की सड़क होगी। यह राजमार्ग 100 किमी प्रति घंटे की गति सीमा के लिए डिज़ाइन किया जाएगा है और इससे यात्रा दक्षता, क्षेत्रीय आवागमन और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार होने की उम्मीद है।

भाषा धीरज माधव

माधव


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