वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की मांग को लेकर कॉजपा करेगी पुलिस थाने का रुख

Ads

वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की मांग को लेकर कॉजपा करेगी पुलिस थाने का रुख

  •  
  • Publish Date - September 3, 2026 / 09:35 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 09:35 PM IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के प्रवक्ता सौरव दास ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह और संगठन के अन्य सदस्य शुक्रवार को संसद मार्ग पुलिस थाने जाएंगे, जहां वे एक वायरल साक्षात्कार के संदर्भ में पुलिस से कार्रवाई की मांग करेंगे।

इस साक्षात्कार में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर जंतर-मंतर पर पेपर लीक आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी छात्रा के पिता पर हमला करने की बात स्वीकार की है।

दास ने बताया कि कॉजपा के सदस्य प्रदर्शनकारी छात्रा निशू के पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर सुबह 10 बजे पुलिस थाने पहुंचेंगे। संजय पर 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हमला किया गया था।

दास ने स्वतंत्र भारद्वाज के साक्षात्कार के एक क्लिप पर प्रतिक्रिया के रूप में यह बात कही। अपने फेसबुक हैंडल पर खुद को ‘कट्टर हिंदू’ बताने वाले भारद्वाज को क्लिप में यह स्वीकार करते हुए देखा जा सकता है कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान निशू के पिता का सिर फोड़ दिया था।

यूट्यूब पर उपलब्ध एक घंटे के इस साक्षात्कार में भारद्वाज ने राजनीतिक संबंध होने का भी दावा किया।

दास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहले दिन से ही हमने किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी को यह लड़ाई अकेले नहीं लड़ने दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ निशू के पिता संजय जी का मामला दिल दहला देने वाला है। स्वतंत्र भारद्वाज जैसे गिरोह के सदस्य खुलेआम शेखी बघार रहे हैं कि उन्होंने संजय जी की हत्या का प्रयास किया, जो नीट छात्रों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। संजय जी पर बर्बरता से हमला किया गया था और वह बड़ी मुश्किल से बचे।’’

कॉजपा ने कहा कि वीडियो क्लिप में उसे खुले तौर पर हमले की बात स्वीकार करते देखा जा सकता है।

संगठन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह व्यक्ति खुलेआम स्वीकार कर रहा है कि उसने जंतर-मंतर पर लोगों पर हमला किया और बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने उसे पुलिस कार्रवाई से संरक्षण दिया।’’

कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अलग से दिल्ली पुलिस पर जंतर-मंतर हमले में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

दीपके ने आरोप लगाया, ‘‘पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने जंतर-मंतर पर गुंडों को खुली छूट दी और उनमें से किसी के खिलाफ कार्रवाई करने या उन्हें गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘जब हमारे प्रतिनिधि उनसे बात करने गए, तो उन्होंने उन्हें धमकी देते हुए कहा, ‘एक बार तुम और दीपके हाथ लगो, बहुत पीटेंगे’।’’

दीपके ने आरोप लगाया कि शर्मा वही अधिकारी हैं जिन्होंने मार्च से पहले जंतर-मंतर पर पत्थरों से भरा एक ट्रक खड़ा करने की अनुमति दी थी।

दीपके ने कहा, ‘‘वह सत्ता के चहेते अधिकारी हैं।’’

भाषा रवि कांत सुरेश

सुरेश