Reported By: Shailendra Singh
,भोपालः Madhya Pradesh Teacher Recruitment मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर सियासत और आंदोलन दोनों तेज है। पिछले 15 दिन से चयनित शिक्षक अभ्यर्थी भोपाल में धरने पर बैठे हैं और पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने उन्हें दो टूक जवाब दे दिया है कि मध्य प्रदेश के किसी भी भर्ती नियम में पदवृद्धि का प्रावधान नहीं है, इसलिए कोई पद नहीं बढ़ाए जाएंगे,इसके बाद अब इस मामले पर सियासत गरमा गई है।
Madhya Pradesh Teacher Recruitment मध्य प्रदेश में एक तरफ चयनित शिक्षक बीते 15 दिनो से पदवृद्धि को लेकर धरने पर बैठे हैं तो दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है अगले 2 साल में सिर्फ 18 हजार पदों पर ही भर्ती संभव है। इसके पीछे सरकार ने तर्क दिया कि फिलहाल 70 हजार अतिथि शिक्षक काम कर रहे हैं जिसे लोग रिक्त मान लेते हैं, तकनीकी तौर पर रिजर्वेशन, बैकलॉग और 13 फीसदी OBC के पदों को बचाकर रखना पड़ता है। इसलिए एक साथ सभी पदों पर भर्ती संभव नहीं है। सरकार ने नियमों का हवाला देकर शिक्षकों की मांग से अपना पल्ला झाड़ा तो कांग्रेस ने मौके पर चौका मारते हुए सरकार को युवा विरोधी बता दिया, जबकि बीजेपी सफाई देती नजर आई
कुल मिलाकर शिक्षक पद बढ़ाने को धरने पर बैठे हैं, जबकि सरकार साफ कर चुकी है कि एमपी के किसी भी भर्ती नियम में पदवृद्धि का प्रावधान नहीं है। खैर अब सरकार के सामने बड़ी चुनौती चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन को खत्म करने की है तो हर गुजरते दिन के साथ बड़ा होता जा रहा है।