कश्मीर शीत लहर की चपेट में, श्रीनगर में रात का तापमान शून्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज

कश्मीर शीत लहर की चपेट में, श्रीनगर में रात का तापमान शून्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज

कश्मीर शीत लहर की चपेट में, श्रीनगर में रात का तापमान शून्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज
Modified Date: January 15, 2024 / 11:29 am IST
Published Date: January 15, 2024 11:29 am IST

श्रीनगर, 15 जनवरी (भाषा) कश्मीर शीत लहर की चपेट में है और बीती रात पारा हिमांक बिंदु से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में रविवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो इससे पहले वाली रात के लगभग बराबर ही था।

उन्होंने बताया कि काजीगुंड में तापमान शून्य से 4.2 डिग्री नीचे दर्ज किया गया, जबकि उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट में तापमान शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

कोकेरनाग शहर में न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री सेल्सियस नीचे और कुपवाड़ा में शून्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर में मौसम शुष्क है और बर्फबारी नहीं होने से रात में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है जबकि दिन अपेक्षाकृत गर्म हैं। श्रीनगर में दिन का तापमान साल के इस समय के सामान्य से आठ डिग्री अधिक है।

कश्मीर में वर्तमान में 40 दिनों की कठोर सर्दियों की अवधि ‘चिल्लई-कलां’ जारी है। इन दिनों क्षेत्र में शीत लहर चलती है और तापमान बेहद नीचे चला जाता है, जिससे जल निकायों के साथ-साथ पाइप में भी पानी जम जाता है।

इस अवधि के दौरान बर्फबारी की संभावना अधिक होती है और अधिकांश क्षेत्रों, विशेषकर ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी होती है।

कश्मीर लंबे समय से सूखे के दौर से गुजर रहा है और दिसंबर में 79 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। जबकि जनवरी के पहले पखवाड़े में घाटी के ज्यादातर हिस्सों में कोई बारिश नहीं हुई है।

कश्मीर के अधिकतर मैदानी इलाकों में बर्फबारी नहीं हुई है, जबकि घाटी के ऊपरी इलाकों में सामान्य से कम बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने 21 जनवरी तक शुष्क मौसम रहने का अनुमान जताया है।

‘चिल्लई-कलां’ 31 जनवरी को खत्म हो जाएगा। उसके बाद 20 दिन की ‘चिल्लई-खुर्द’ (छोटी ठंड) और 10 दिन की ‘चिल्लई-बच्चा’ की अवधि चलेगी और ठंड की स्थिति जारी रहेगी।

भाषा योगेश मनीषा

मनीषा


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