‘सदन में तथ्यों के साथ आएं’: सुक्खू का भाजपा विधायकों पर चर्चा से बचने का आरोप
‘सदन में तथ्यों के साथ आएं’: सुक्खू का भाजपा विधायकों पर चर्चा से बचने का आरोप
शिमला, 20 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सत्र के दौरान विपक्ष पर चर्चा से बचने के लिए सदन से बहिर्गमन और नारेबाजी करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बृहस्पतिवार को भाजपा विधायकों से कहा कि वे सदन में तथ्यों के साथ आएं।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों के कार्यकाल से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार के पास दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों को जनता के सामने लाने के लिए सरकार ‘श्वेत-पत्र’ जारी करने पर विचार कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने यहां पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। विधानसभा सत्र से पहले भाजपा विधायकों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि सदन में उन्हें चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।
विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से तीन सितंबर तक चलेगा और इस दौरान सदन की 10 बैठकें होंगी।
भाजपा विधायकों के खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों को लेकर बदले की भावना से कार्रवाई करने के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य की संपत्तियों की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा, “यदि किसी व्यक्ति ने राज्य की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, तो केवल उसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं रोकी जा सकती।”
सुक्खू ने कहा कि ऐसे विभिन्न मामलों की जांच जारी है।
यहां जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी की जयंती पर लोगों से उनके दिखाए रास्ते पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को ‘आधुनिक भारत के निर्माता’ के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी की दूरदर्शी सोच और नीतियां आज भी राज्य सरकार का मार्गदर्शन कर रही हैं। उन्होंने देश में “सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति” का श्रेय भी राजीव गांधी को दिया।
उन्होंने कहा, “आज युवा पीढ़ी इसका लाभ उठा रही है।”
उन्होंने कहा कि मतदान की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करना राजीव गांधी के प्रमुख लोकतांत्रिक सुधारों में शामिल था। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी बढ़ी।
इसके बाद सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की शपथ दिलाई।
भाषा तान्या नरेश
नरेश

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