कॉर्पोरेट विधियां विधेयक संबंधी समिति को रिपोर्ट देने के लिए मानसून सत्र के अंतिम दिन तक का समय मिला

कॉर्पोरेट विधियां विधेयक संबंधी समिति को रिपोर्ट देने के लिए मानसून सत्र के अंतिम दिन तक का समय मिला

कॉर्पोरेट विधियां विधेयक संबंधी समिति को रिपोर्ट देने के लिए मानसून सत्र के अंतिम दिन तक का समय मिला
Modified Date: July 22, 2026 / 03:16 pm IST
Published Date: July 22, 2026 3:16 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) लोकसभा ने कॉर्पोरेट विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बुधवार को मानसून सत्र के अंतिम दिन तक का समय दिया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कॉर्पोरेट विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार के लिए गत 19 मई को संयुक्त समिति का गठन किया था, जिसकी अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुधीर गुप्ता कर रहे हैं।

गुप्ता ने बुधवार को लोकसभा में प्रस्ताव रखा कि संयुक्त समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय-सीमा को बढ़ा कर चालू मानसून सत्र के अंतिम दिन तक कर दिया जाए।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल 23 मार्च को लोकसभा में कॉर्पोरेट विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया था, जिसका मकसद सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 और कंपनी अधिनियम, 2013 में संशोधन करना है।

यह विधेयक पेश किए जाने के बाद सदन ने वित्त मंत्री की अनुशंसा पर इसे संसद की संयुक्त समिति के पास भेजने का फैसला किया था। बीते 10 मार्च को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उक्त विधेयक को मंजूरी दी थी।

यह विधेयक छोटे उद्योगों, स्टार्टअप और किसानों की उत्पादक कंपनियों के लिए अनुपालन को आसान बनाने, कुछ आपराधिक अपराधों को जुर्माने में बदलने और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने का प्रस्ताव करता है।

संयुक्त समिति ने गत नौ जून को विभिन्न हितधारकों और विशेषज्ञों से इस विधेयक पर विचार और सुझाव आमंत्रित किये थे।

समिति ने विशेषज्ञों, उद्योग संघों, संगठनों और अन्य हितधारकों से भी विधेयक के विशिष्ट खंडों पर विचार आमंत्रित किए।

भाषा वैभव अविनाश

अविनाश


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