सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 73 लाख रु से अधिक का मुआवजा देने का आदेश

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सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 73 लाख रु से अधिक का मुआवजा देने का आदेश

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 08:40 PM IST,
    Updated On - January 21, 2026 / 08:40 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) दिल्ली के एक मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने वर्ष 2018 में हुए एक सड़क हादसे में स्थायी रूप से दिव्यांग हुए एक व्यक्ति को 73.97 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस हादसे में उनके पिता की भी मृत्यु हो गई थी।

इस हादसे में जान गंवाने वाले हुकुम चंद की पत्नी और उनके दो बेटों द्वारा दायर याचिका पर पीठासीन अधिकारी विक्रम सुनवाई कर रहे थे।

याचिका के अनुसार, यह हादसा 29 मई, 2018 की सुबह अमन विहार के पीर बाबा मजार के पास हुआ, जब तेज गति और लापरवाही के साथ चलाई जा रही टाटा ऐस मोटरसाइकिल ने दाईं ओर एक बड़ा मोड़ लिया। इससे हुकुम चंद और उनके बेटे वरुण गोयल की मोटरसाइकिल को टक्कर लगी।

दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान चंद की मृत्यु हो गई, जबकि गोयल अपनी चोटों के कारण स्थायी रूप से 64 प्रतिशत दिव्यांग हो गए।

न्यायाधिकरण ने छह जनवरी को अपने फैसले में कहा, ‘‘दोषी वाहन के चालक की लापरवाही न केवल इस दुर्घटना के लिए, बल्कि इसके बाद होने वाली हर चीज के लिए भी जिम्मेदार थी।’’

इस मामले में वाहन को गलत तरीके से फंसाए जाने के बीमाकर्ता के दावे को खारिज करते हुए न्यायाधिकरण ने कहा कि चालक ने दुर्घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली थी।

न्यायाधिकरण ने कहा, ‘‘दोषी वाहन को गलत तरीके से फंसाए जाने का दावा महत्वहीन है।’’ मुआवजे का आकलन करते समय न्यायाधिकरण ने जोर दिया कि मुआवजा ‘न्यायोचित’ होना चाहिए।

न्यायाधिकरण ने गोयल को 73.97 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया जिसमें दिव्यांगता के कारण भविष्य में होने वाली आय की हानि के लिए 65.37 लाख रुपये शामिल हैं।

इसके अलावा, न्यायाधिकरण ने हुकुम चंद की मृत्यु के लिए उनके बेटों को मुआवजे के तौर पर 16.41 लाख रुपये देने का भी आदेश दिया। चंद की पत्नी, जो स्वयं भी एक दावेदार थीं, का मुकदमे की सुनवाई के दौरान निधन हो गया था।

भाषा

संतोष नरेश

नरेश