मेडिकल उपकरणों की कीमतों, अस्पतालों की ‘वसूली’ की समीक्षा हो : कांग्रेस

मेडिकल उपकरणों की कीमतों, अस्पतालों की ‘वसूली’ की समीक्षा हो : कांग्रेस

मेडिकल उपकरणों की कीमतों, अस्पतालों की ‘वसूली’ की समीक्षा हो : कांग्रेस
Modified Date: September 16, 2026 / 08:36 pm IST
Published Date: September 16, 2026 8:36 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि मेडिकल उपकरणों की कीमतों और अस्पतालों द्वारा ‘‘मरीजों से की जाने वाली वसूली’’ की राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल समीक्षा की जाए तथा इस संबंध में पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि भाजपा सरकार में आम आदमी के लिए इलाज लगातार महंगा होता जा रहा है और सवाल केवल अस्पतालों की मनमानी का नहीं, बल्कि सरकारी नियमन की जवाबदेही का भी है।

उन्होंने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की एक जांच का हवाला देते हुए कहा कि 11.05 रुपये का एक आईवी सेट 325 रुपये में बेचा जा रहा था, कैथेटर 29.41 रुपये में खरीदा गया, जबकि मरीज से इसके लिए 310 रुपये वसूले गए।

रमेश ने कहा कि जब कोई मरीज अस्पताल में भर्ती होता है, तो उसके पास कीमत तय करने की ताकत नहीं होती और न ही तत्काल कोई दूसरा विकल्प चुनने की सुविधा होती है।

उन्होंने कहा कि जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कीमत में इतना बड़ा अंतर केवल बाजार से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और नियमन का भी सवाल है।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि मरीज की मजबूरी को ‘‘बाजार की आजादी’’ के नाम पर आखिर कब तक छोड़ा जाएगा?

उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि मेडिकल उपकरणों की कीमतों, मुनाफे और अस्पतालों द्वारा मरीजों से वसूले जाने वाले शुल्क की राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा की जाए तथा मरीजों के हित में पारदर्शी एवं प्रभावी नियामक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

भाषा हक सुरेश

सुरेश


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