प्रियंक खरगे ने भाजपा नेताओं को बिना फोन या कागज देखे पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाने की चुनौती दी
प्रियंक खरगे ने भाजपा नेताओं को बिना फोन या कागज देखे पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाने की चुनौती दी
बेंगलुरु/कलबुर्गी, 16 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने बुधवार को भाजपा नेताओं आर. अशोक और बी. वाई. विजयेंद्र को चुनौती दी कि वे किसी सार्वजनिक सभा में बिना कागज, मोबाइल या टेलीप्रॉम्प्टर देखे पूरा ‘वंदे मातरम्’ सुनाएं। मंत्री ने कहा कि यदि भाजपा नेता ऐसा कर देते हैं तो वह इस्तीफा दे देंगे।
प्रियंक ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध करेंगे कि 21 सितंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष अशोक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र और अन्य भाजपा विधायकों को पूरा राष्ट्रगीत सुनाने के लिए समय आवंटित किया जाए।
प्रियंक ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पूरा ‘वंदे मातरम्’ नहीं सुना सकते।
हालांकि, प्रियंक ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें खुद भी इसके अंतिम दो अंतरे याद नहीं हैं।
मंत्री की यह टिप्पणी सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आई है। यह विवाद कर्नाटक सरकार के उस फैसले को लेकर है, जिसमें राज्य सरकार के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले दो अंतरों के गायन तक सीमित किया गया है। हालांकि, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों को इस आदेश से छूट दी गई है।
मंत्री ने कहा, ‘‘क्या मोदी और भाजपा जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर से बड़े हैं? मैं विजयेंद्र और अशोक को चुनौती देता हूं कि वे किसी सार्वजनिक सभा में बिना किसी कागज या टेलीप्रॉम्प्टर की मदद के पूरा ‘वंदे मातरम्’ सुनाएं। अगर वे पूरा संस्करण सुनाते हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। क्या वे ऐसा करेंगे?’’
प्रियंक की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयेंद्र ने कहा, ‘‘उनकी (प्रियंक)क्षमता का पता बहुत जल्द चल जाएगा। हम विधानसभा में इस बारे में बात करेंगे।’’
भाषा शफीक माधव
माधव

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