कांग्रेस ने दिल्ली के बजट को वादाखिलाफी और किसानों की ज़मीन के हक से खिलवाड़ का दस्तावेज बताया
कांग्रेस ने दिल्ली के बजट को वादाखिलाफी और किसानों की ज़मीन के हक से खिलवाड़ का दस्तावेज बताया
नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) कांग्रेस की दिल्ली इकाई ने मंगलवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पेश किए गए बजट को वादाखिलाफी, उपेक्षा और किसानों की ज़मीन के हक से खिलवाड़ का दस्तावेज करार दिया और आरोप लगाया कि यह बजट सिर्फ कागजी विकास और दिखावटी योजनाओं का पुलिंदा है।
पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ नरेश कुमार ने एक बयान में कहा कि बजट में बड़े-बड़े आंकड़े और चमकदार घोषणाएं जरूर पेश की गईं, लेकिन हकीकत यह है कि किसानों के सबसे अहम मुद्दों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि किसानों की ज़मीन के सर्किल रेट बढ़ाने की मांग को नजरअंदाज कर सरकार ने साफ कर दिया है कि उसे किसानों की आर्थिक हालत और उनकी जमीन के उचित मूल्य से कोई सरोकार नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि लैंड पूलिंग योजना को भी पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, जो यह दर्शाता है कि यह सरकार किसान और गांव विरोधी है।
वित्त विभाग का प्रभार संभाल रहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए 1.03 लाख करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया, जिसमें कई कल्याणकारी पहलों की घोषणा की गई।
डॉ कुमार ने कहा कि घेवरा गांव में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर बजट में एक शब्द तक नहीं कहा गया है।
उन्होंने कहा, “दिल्ली देहात के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं, लेकिन बजट में उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं दिया गया। खासकर किसानों की ज़मीन से जुड़े मुद्दों पर सरकार की चुप्पी बेहद चिंताजनक है।”
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह बजट सिर्फ कागजी विकास और दिखावटी योजनाओं का पुलिंदा है, जिसमें न किसानों की आय बढ़ाने की कोई ठोस योजना है और न ही ग्रामीण इलाकों के विकास का कोई स्पष्ट खाका है।
भाषा नोमान नोमान नेत्रपाल
नेत्रपाल

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