हल्दिया (प.बंगाल), 19 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को शनिवार को एक यहां की एक अदालत ने तीन अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
प्रधान को हत्या समेत कई आरोपों में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें हल्दिया अनुमंडलीय अदालत में पेश किया गया।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से रिक्त हुई विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान चार अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा।
अधिकारी ने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को हराने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखने का फैसला करते हुए मई में नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया था।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने बताया कि प्रधान को चार लंबित गिरफ्तारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया। ये वारंट गैर-जमानती मामलों में कथित संलिप्तता को लेकर जारी किए गए थे, जिनमें 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज दंगा, हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और आपराधिक धमकी से जुड़े मामले शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
प्रधान की ओर से पेश एक वकील ने कहा, ‘‘अदालत ने नंदीग्राम थाने में दर्ज मामलों से जुड़े तीन वारंट के संबंध में मिलन प्रधान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। खेजुरी पुलिस थाने में दर्ज मामलों से जुड़े चौथे वारंट के संबंध में उन्हें सोमवार को कांथी अदालत में पेश किया जायेगा।’’
प्रधान को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को अपनी पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की थी, क्योंकि उनके खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था।
कांग्रेस और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले विपक्ष को निशाना बनाने के लिए इस मामले का इस्तेमाल किया जा रहा है।
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी एक लंबित आपराधिक मामले से संबंधित है।
राज्य पुलिस ने कहा कि प्रधान को गिरफ्तार करने के लिए पूर्व में बार-बार किए गए प्रयास विफल रहे, क्योंकि वह फरार थे।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘गिरफ्तार व्यक्ति 2007 से पिछले 19 वर्षों से फरार थे और कानूनी प्रक्रिया से बच रहे थे। संबंधित मामलों में उन्हें फरार आरोपी के रूप में आरोपित किया गया है। अतीत में वारंट तामील कराने के बार-बार किए गए प्रयास विफल रहे थे और वारंट की तामील नहीं होने संबंधी रिपोर्ट समय-समय पर संबंधित अदालतों में विधिवत सौंपी गई थीं।’’
कांग्रेस नेताओं ने प्रधान की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है।
पार्टी के महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने भाजपा पर बंगाल में विपक्षी आवाजों को खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और इसे “लोकतंत्र पर हमला” बताया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की और गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया।
वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वीडियो संदेश के माध्यम से इसकी निंदा की और कहा कि पार्टी अपनी चुनावी लड़ाई जारी रखेगी।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप