महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस, द्रमुक माफी मागें : नायडू

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महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस, द्रमुक माफी मागें : नायडू

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 03:33 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 03:33 PM IST

(फाइल फोटो सहित)

कोयंबटूर (तमिलनाडु), 20 अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को द्रमुक और कांग्रेस से लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने देने के लिए माफी की मांग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोटा लागू करने का कदम ‘‘देश के लिए सबसे प्रगतिशील निर्णयों में से एक’’ है।

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यहां एक रैली को संबोधित करते हुए, नायडू ने कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ पार्टियां सुधारों की ‘‘हमेशा से विरोधी’’ रही हैं और राज्य की जनता को उन्हें हराना चाहिए।

सत्तारूढ़ द्रमुक पर निशाना साधते हुए, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख ने आरोप लगाया कि राज्य में एम के स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार केंद्र सरकार के सहयोग का लाभ उठाने में विफल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको बता रहा हूं, मोदी जी ने महिलाओं के लिए जो 33 प्रतिशत आरक्षण किया है, वह देश के लिए सबसे प्रगतिशील निर्णयों में से एक है। कांग्रेस, द्रुमक और अन्य राजनीतिक दलों ने महिलाओं के साथ अन्याय किया। हर महिला को इस पर चर्चा और बहस करनी होगी।’’

विपक्षी दलों ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान किया था।

नायडू ने कहा, “यह एक प्रगतिशील नीति है। उन्होंने (कांग्रेस, द्रमुक और अन्य दलों ने) इसका विरोध किया। अब उन्हें महिलाओं से माफी मांगनी होगी। उन्होंने महिला सशक्तीकरण के साथ विश्वासघात किया।’’

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मौजूदा द्रमुक सरकार में दूरदर्शिता की कमी है।

नायडू 23 अप्रैल को होने वाले चुनावों में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पक्ष में प्रचार के लिए तमिलनाडु के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप