मुंबई, 20 अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी डॉलर की मांग में तेजी और कच्चे तेल में मजबूती रहने से सोमवार को रुपया शुरुआती बढ़त गंवाकर 19 पैसे टूटकर 93.10 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध बने रहने से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है और ईरान एवं अमेरिका के बीच ताजा टकराव के कारण डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना रहा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.73 पर खुला और कारोबार के दौरान 92.70 के उच्च स्तर तक गया। हालांकि कारोबार के दौरान रुपये ने 93.24 प्रति डॉलर के निचले स्तर को भी छुआ।
कारोबार के अंत में रुपया 93.10 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 19 पैसे की कमजोरी दर्शाता है।
इससे पहले शुक्रवार को रुपया 28 पैसे मजबूत होकर 92.91 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जबकि उससे एक दिन पहले बृहस्पतिवार को इसमें 19 पैसे की बढ़त दर्ज की गई थी।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपया कमजोर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से निकट अवधि में रुपये में कमजोरी का रुख रह सकता है।’
उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपया विनिमय दर 93 से 93.60 प्रति डॉलर के दायरे में रह सकती है।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत बढ़कर 98.03 पर पहुंच गया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 4.64 प्रतिशत गिरकर 94.57 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार लगभग सपाट रहे। बीएसई सेंसेक्स 26.76 अंक यानी 0.03 प्रतिशत बढ़कर 78,520.30 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 11.30 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,364.85 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 683.20 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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