कांग्रेस का महंगाई के मुद्दे पर उत्तराखंड विधानसभा से बहिर्गमन

कांग्रेस का महंगाई के मुद्दे पर उत्तराखंड विधानसभा से बहिर्गमन

कांग्रेस का महंगाई के मुद्दे पर उत्तराखंड विधानसभा से बहिर्गमन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:54 pm IST
Published Date: December 24, 2020 9:44 am IST

देहरादून, 24 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस ने ‘बढ़ती महंगाई’ को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाने का बृहस्पतिवार को सरकार पर आरोप लगाया और उत्तराखंड विधानसभा से बहिर्गमन किया।

राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शून्यकाल में कांग्रेस सदस्यों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत प्रदेश में महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है।

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने दावा किया कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं जैसे आलू, टमाटर, प्याज, आटा, दालों, रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और गरीब आदमी को दो वक्त का खाना जुटाना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने उपभोक्ता फोरम की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले एक साल के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड देश में पांचवां सबसे महंगा राज्य बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है और उसने अब तक जनता को महंगाई से राहत दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।

हालांकि अपने जवाब में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि महंगाई पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को सरकार ने किसी न किसी रूप में अंत्योदय कार्ड योजना, राज्य खाद्यान्न योजना, निशुल्क उज्ज्वला गैस जैसी अपनी विभिन्न योजनाओं में शामिल किया है।

उन्होंने दावा किया कि गैर भाजपा शासित प्रदेशों के चंडीगढ़, लुधियाना, रायपुर, मुंबई और हैदराबाद शहरों के मुकाबले देहरादून में आवश्यक वस्तुओं के दाम सबसे कम हैं।

हालांकि, चकराता के विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि मंत्री ने महंगाई से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में स्पष्टता से नहीं बताया है। इसके बाद इस मुद्दे पर अपना विरोध प्रकट करते हुए कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

भाषा दीप्ति

देवेंद्र

देवेंद्र


लेखक के बारे में